Saturday, July 01, 2006

गुनचा कोई मेरे नाम कर दिया ...

आज सुनिये एक अलग आवाज और निराले अंदाज में मोहित चौहान को । सिवाए गिटार के इस गीत में अन्य किसी वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं हुआ है। सीधी सहज भाषा में लिखी, फिल्म 'मैं मेरी पत्नी और वह' की इस गजल में जान डालने में मोहित पूरी तरह सफल रहे हैं । आशा है आप सब भी इसे सुनने के बाद उनके इस अंदाज पर मोहित हुये बिना नहीं रह सकेंगे।

गुनचा कोई मेरे नाम कर दिया
साकी ने फिर से मेरा जाम भर दिया

तुम जैसा कोई नहीं इस जहान में
सुबह को तेरी जुल्फ ने शाम कर दिया

महफिल में बार बार इधर देखा किये
आँखों के जजीरों को मेरे नाम कर दिया

होश बेखबर से हुये उनके बगैर
वो जो हमसे कह ना सके, दिल ने कह दिया


Get this widget | Track details | eSnips Social DNA
Related Posts with Thumbnails

4 comments:

SHUAIB on July 01, 2006 said...

बहुत सही लिखा है भाई

Manish on July 03, 2006 said...

शुक्रिया हुजूर :)

Abhas Kumar on July 09, 2006 said...

This is one of the lovely songs of the movie. Have you seen the movie as well? I heard that its a bful movie.

Manish on July 10, 2006 said...

मूवी नहीं देखी पर जिन दोस्तों ने देखी है उन्हें बेहद पसंद आई है।

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie