Thursday, July 05, 2007

दिल्ली है दिलवालों कीः लेंस में कैद कुछ हल्के फुल्के लमहे चिट्ठाकार भेंटवार्त्ता से।

खबरी आए पत्रकारी झोले और अपनी खूबसूरत सी फ्रेंच कट दाढ़ी ले कर। अब बात पे ध्यान दें या दाढ़ी पर इसी पशोपेश में है :)। (चित्र अमित गुप्ता के सौजन्य से) बीच में दिख रहे हैं सजीव सारथी









तीन घंटे की चर्चा के बाद कमरे से बाहर का रास्ता लिया गया । मैथिली और अरुण तब तक जा चुके थे।


कॉफी और भाई लोग....




शैलेश और अमित के चेहरे की खुशी का राज क्या है ?
लो जी चर्चा कर-कर के बिलकुल पका दिया, अब जाकर आने वाला है कुछ असली माल !



जब भी तकनीक या पकवानों की बात हो अमित के चेहरे की चमक देखने लायक होती थी । अब यही् देखिए प्लेट खाली कर देने के बाद भी भोजन में कितने तल्लीन दिख रहे हैं हमारे अमित भाई :)










और लीजिए अपने को कैसे छोड़ दें। पूरे साल की बतकूचन छः घंटे में टिका दी । देखिए अमित की लेंस का कमाल ...कैसे मुँह फाड़ रहे हैं ;)


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी
Related Posts with Thumbnails

12 comments:

संजय बेंगाणी said...

अंतिम तस्वीर मस्त है.

Udan Tashtari on July 04, 2007 said...

अच्छी रही चित्र प्रदर्शनी. :)

Amit on July 04, 2007 said...

अरे, पांचवी तस्वीर आपने कब चोरी छिपे ले डाली!! ;)

नोट: ध्यान दिया जाए, मेरी प्लेट खाली नहीं हुई थी!! ;)

अरुण on July 04, 2007 said...

हमे तो बस ये बताओ की हमारे हिस्से की काफ़ी और माल ( खाना ) किसने गटका (खाया).हमे वसूलना है

Pratik on July 04, 2007 said...

वाह! बढ़िया तस्वीरें हैं। आपने तो सबकी पोल खोल दी। :)

जगदीश भाटिया said...

बहुत अच्छे रहे फोटो:)

Pratyaksha on July 05, 2007 said...

ये बढिया रहा !

Sanjeet Tripathi on July 05, 2007 said...

तस्वीरें बोलती हैं!

Dimple on July 06, 2007 said...

bahut ache pictures..:)

suparna on July 07, 2007 said...

wow - this sounds wonderful :)
the last picture is smashing! too good...

Manish on July 08, 2007 said...

चित्र पसंद करने के लिए आप सब का शुक्रिया। अमित ने जो अंतिम चित्र खींचा है वो ये दर्शाता हे कि वो एक बेहद कुशल फोटोग्राफर हैं और कैमरे के विविध कोणों के प्रयोग से चित्र में प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं। आशा है अगली मीट में भी वो अपना जौहर दिखलाएँगे।

Dawn....सेहर on July 11, 2007 said...

WOW,...amazing! acchi lagi ye vritaant aur haan pictures to bahut hee khub splly moonh fadte huye hahaha
cheers

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie