Monday, March 23, 2009

वार्षिक संगीतमाला 2008 पुनरावलोकन : कौन रहा आपका पिछले साल का सर्वाधिक प्रिय गीत ?

वार्षिक संगीतमाला २००८ में बचा है सिर्फ शिखर पर बैठा सरताज गीत। पर इससे पहले कि उस गीत की चर्चा की जाए एक नज़र संगीतमाला के इस संस्करण की बाकी पॉयदानों पर। बतौर संगीतकार ए आर रहमान ने इस साल की संगीतमाला पर अपनी बादशाहत कायम रखी है। जोधा अकबर, युवराज, जाने तू या जाने ना, गज़नी की बदौलत इस संगीतमाला में उनके गीत दस बार बजे। रहमान के आलावा इस साल के अन्य सफल संगीतकारों में विशाल शेखर, सलीम सुलेमान और अमित त्रिवेदी का नाम लिया जा सकता है।

इस साल की संगीतमाला में अमिताभ वर्मा, जयदीप साहनी, अशोक मिश्रा, इरफ़ान सिद्दकी, मयूर सूरी, कौसर मुनीर,अब्बास टॉयरवाला और अन्विता दत्त गुप्तन जैसे नए गीतकारों ने पहली बार अपनी जगह बनाई। इतने सारे प्रतिभाशाली गीतकारों का उभरना फिल्म संगीत के लिए शुभ संकेत है।

वहीं गायक गायिकाओं में विजय प्रकाश, जावेद अली, राशिद अली, श्रीनिवास और शिल्पा राव जैसे नामों ने पहली बार संगीत प्रेमी जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

तो आइए चलें इस साल की वार्षिक संगीतमाला के पुनरावलोकन पर..


वार्षिक संगीतमाला 2008 पुनरावलोकन:


इस श्रृंखला का समापन होगा अगली पोस्ट में सरताज गीत के साथ। पर मैं अपनी पसंद के उस गीत के बारे में बताने से पहले जानना चाहूँगा कि कौन रहा आपका पिछले साल का सर्वाधिक प्रिय गीत ?
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9 comments:

अभिषेक ओझा on March 23, 2009 said...

तू ही तो मेरी दोस्त है ! - युवराज.

अभिषेक ओझा on March 23, 2009 said...

मेरी पसंद का गजनी का एक और गाना इस लिस्ट में नहीं दिख रहा: 'किस्मत पे आये ना यकीं...'

mamta on March 23, 2009 said...

आधे से ज्यादा तो पसंद के गीत है ।

मेरे ख़्याल से जोधा अख़बार का गाना .

anitakumar on March 23, 2009 said...

मेरी पसंद का सर्वश्रेष्ठ गाना रहा ख्वाजा मेरे ख्वाजा- जोधा अकबर्…गीत नंबर 10

Phoenix Rises on March 24, 2009 said...

My favorite is 'Tu Bole Main Boloon' from 'Jaane Tu Ya Jaane Na'. :)

Archana on March 24, 2009 said...

ख्वाजा मेरे ख्वाजा-----नं.१०,
कभी-कभी अदिती------नं २० ।

कंचन सिंह चौहान on March 25, 2009 said...

are...! ye links ke baad wala question to mai dekh hi nahi paai thi..aur soch rahi thi ki akhir kya comment dun..!

mera favourite gana to is saal ka tha ankho se khwab from fim superstar

aur halk fulke mood me Pappu can't aur tera zara sa bhi dola jo iman

ab ise sanjog hi samajhe ki dono me ek hi probitted word hai :) :)

suparna said...

no songs from Dev D? :)

i havnt been able to decide between "Khuda Jaane", "Kahin Toh Hogi Woh", and "Tum Ho Toh" :) We've been lucky i guess.. 2008 has left behind a lot of gems that we will keep revisiting.

even dud films had some mindblowing songs - like "Aankhon Hi Aankhon Mein" from EMI (another fave song!) :)

Manish Kumar on March 26, 2009 said...

Hi Suparna, I think Dev D songs were released in 2009 thats why I have not considered it.

 

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