Monday, March 30, 2009

' एक शाम मेरे नाम' ने पूरे किए अपने तीन साल !

पिछले हफ्ते एक शाम मेरे नाम के हिंदी संस्करण ने अपने तीन साल पूरे कर लिये। वैसे जब ब्लागिंग के बारे में मुझे आज से चार साल पहले पता चला तब हिंदी का टंकण ज्ञान नहीं था पर ये विधा मुझे इतनी अच्छी लगी कि मैंने रोमन में ही हिंदी लिखकर अपना पहला ब्लॉग अप्रैल २००५ में बनाया । फिर साथियों द्वारा दिये तकनीकी ज्ञान से मार्च २००६ के आखिर में अपने इस हिंदी चिट्ठे की शुरुआत भी कर दी। हाँ ये जरूर है कि जितना रोमांच इस चिट्ठे की पहली वर्षगाँठ मनाने का था उतना उसके बाद नहीं रहा। शायद पहले के बाद दसवीं वर्षगांठ ही वो रोमांचक अनुभव रहे।



पिछले तीन सालों में जिन विषयों को मैंने अपने लेखन का विषय बनाया था, उनमें से एक सफ़रनामा अब मेरे नए यात्रा चिट्ठे मुसाफ़िर हूँ यारों पर चला गया है। विषय की एकरूपता को ध्यान में रखते हुए अब इस चिट्ठे पर सिर्फ गीत ग़ज़ल, कविताओं, किताबों की बातें ही हुआ करेंगी। अब तक के लेखन में मेरी ये कोशिश रही हे कि जिस विषय पर लिखूँ उसे इस तरह आपके सामने पेश करूँ जिससे उस विषय पर मेरे नज़रिए के आलावा कुछ नई जानकारी आप तक पहुँचे। इस में मैं कहाँ तक सफल हुआ हूँ ये तो आप ही बता सकते हैं। वैसे आंकड़ों की बात करूँ तो इस साल नई बात ये हुई कि इस जनवरी में इस चिट्ठे ने एक लाख पेजलोड्स का मुकाम पूरा किया । पिछले तीन सालों में इस चिट्ठे पर ३२० पोस्ट लिखी गई हैं और उन पर अब तक १११७६२ पेज लोड्स यानि प्रति पोस्ट ३५० की औसत से पढ़ी गई है।

ये आँकड़ा इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि ये हम चिट्ठाकारों को इंगित करता है कि एग्रीगेटर की नज़रों से गुजरने के बाद विषय वस्तु के आधार पर कितने लोग उस पोस्ट तक पहुँचे। इस चिट्ठे के चौथे साल में इस औसत को बरकरार रख पाया या इसमें वृद्धि कर पाया तो अपना प्रयास सार्थक समझूँगा।

पाठकों की सुविधा के लिए एक जगह लिंक सहित गीतों , ग़जलों, कविताओं की लिंकित सूची तो बना ही दी थी। अब इस क्रम में पुस्तकों, चिट्ठाकारी और अपने अन्य लेखों की सूची बनाने और पुरानी सूचियाँ अपडेट करने का काम चलता रहेगा। इस चिट्ठे को ई-मेल से प्राप्त करने वाले पाठकों मुझे मेल के द्वारा अपने सुझाव या प्रतिक्रियाएँ भेज सकते हैं। आशा है चौथे साल में भी आपका स्नेह और आशीर्वाद इस चिट्ठे के साथ बना रहेगा।
Related Posts with Thumbnails

25 comments:

शोभा on March 30, 2009 said...

ब्लाग की तीसरी वर्षगाँठ पर बधाई।

अफ़लातून on March 30, 2009 said...

मधुर , मनोहर , अतीव सुन्दर चिट्ठे और चिट्ठेकार का चौथे साल और आगे का सफ़र यूँ ही सुरम्य होगा । डाक से चिट्ठे पढ़ने वालों का आँकड़ा भी दीजिए , प्रेरणा के लिए ।
सप्रेम बधाई ।

mamta on March 30, 2009 said...

ब्लॉग की तीसरी सालगिरह मुबारक हो ।

कंचन सिंह चौहान on March 30, 2009 said...

teesari saalgirah mubaraq aur.. 10vi kipratiksha...!

गुस्ताख़ on March 30, 2009 said...

बधाई स्वाकारें, जारी रखें

अनिल कान्त : on March 30, 2009 said...

badhayi ho bhai jaan

नीरज गोस्वामी on March 30, 2009 said...

बहुत बहुत बधाई तीसरा साल पूरा करने पर...इसी तरह लिखते रहिये...हम पढने वाले आपके साथ है...एक लाख हिट्स भी कोई छोटा मोटा कीर्तिमान नहीं है...बल्कि हिंदी ब्लोगर्स में इस कीर्तिमान तक पहुँचने वाले बिरले ही होंगे...
नीरज

रंजना on March 30, 2009 said...

बधाई और अनंत शुभकामनाये.....ऐसे ही लिखते रहें.....!!!

रंजना [रंजू भाटिया] on March 30, 2009 said...

बहुत बहुत बधाई यूँ ही लिखते रहे आप

डॉ .अनुराग on March 30, 2009 said...

तो एक आध चोकलेट भी मिल जाती तो .....

premlatapandey on March 30, 2009 said...

शीतल मंद बयार संग बहता मीठा दरिया! यूँ ही बहता रहे।

P.N. Subramanian on March 30, 2009 said...

बधाई और शुभकामनायें.

उन्मुक्त on March 30, 2009 said...

बधाई, आप यूं ही लिखते रहें।

Neeraj Rohilla on March 30, 2009 said...

Manish ji,
Haardik badhai..

Aise hee aage bhi saath bana rahe,

संगीता पुरी on March 30, 2009 said...

बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं आपको ...

अनूप शुक्ल on March 31, 2009 said...

वाह,वाह। बधाई हो। आगे तमाम साल पूरे हों।

लवली कुमारी / Lovely kumari on March 31, 2009 said...

बधाई!! हमें आपके ब्लॉग के १०० वें साल की पोस्ट में भी टिप्पणी करने मौका मिले ऐसी कामना है

कुश on March 31, 2009 said...

एक मेहनती और समर्पित ब्लॉगर को सफलतापूर्वक तीन साल पूर्ण करने के लिए बधाई.. जैसा मैं हमेशा से कहता हू आप वाकई बहुत मेहनत करते है

मीनाक्षी on March 31, 2009 said...

3 saal ke sangeetmay blog ko pyaar aur aashirvaad... janmdin par sangeet bhi hota to chaar chaand lag jaate...koyee baat nahi ham aapaki doosri posts ke geet sunkar aanand le lete hain

poemsnpuja on March 31, 2009 said...

sirf candles :( kamse kam cake dikhana to chahiye tha...ham dekh ke hi sochte ki kha liya hai :D
hardik badhai

रचना. on March 31, 2009 said...

अरे वाह आपके ब्लॊग का जन्मदिन तो एक खास दिन पर है! :)
खूब सारी बधाई और शुभकामनाएं!

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` on March 31, 2009 said...

मनीष भाई,
आपका ब्लोग सँगीतमय ब्लोग मेँ सदा रुचिकर रहा है यात्रा वर्णन भी बेहतरीन बधाई और ४ थे वर्ष मेँ और सफलताएँ मिलेँ ये शुभकामना भी "अँतराष्ट्रीय नोर्थ अमरिकी त्रैमासिक पत्रिका "विश्वा" मेँ मैँने आपके ब्लोग का नाम भी दिया है (मेरे आलेख मेँ)
- लावण्या

sangita said...

bahoot bahoot badhai aapko .......

Manish Kumar on April 01, 2009 said...

आप सबकी शुभकामनाओं का बहुत बहुत धन्यवाद !

अनूप भार्गव on April 03, 2009 said...

देर से सही लेकिन अपने इस चिट्ठे के जन्म दिन की बधाई । तुम्हें पढना अच्छा लगता है ।

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie