Saturday, March 26, 2011

'एक शाम मेरे नाम' ने पूरे किए अपने पाँच साल..!

आज मेरे इस ब्लॉग का पाँचवा जन्मदिन है। विगत पाँच सालों से ब्लॉगिंग को अपनी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनाया है। इस बात का संतोष है कि अब तक जो कुछ लिखा या प्रस्तुत किया है उसमें मुझे खुद भी आनंद आता रहे। अगर पाँच सालों में बिना किसी विराम के ये निरंतरता इस चिट्ठे पर बनी रही है तो इसके पीछे इसी जज़्बे का हाथ है।


इस मौके पर इस चिट्ठे के तमाम पाठकों, ई मेल सब्सक्राइबरों, फालोवर्स और नेटवर्क ब्लॉग से जुड़े जाने अनजाने लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने इस चिट्ठे पर अपनी आस्था बनाई हुई है। आपकी मदद से ही अब तक इन 480 पोस्ट और तीन लाख पेज लोड्स का  ये सफ़र पूरा हुआ है।



और चिट्ठे के हिंदी और रोमन हिंदी संस्करणों की सब्सक्राइबर संख्या बारह सौ पार कर गई है।

इन पाँच सालों में हिंदी ब्लॉग जगत के उतार चढ़ावों का भी साक्षी रहा हूँ। हिंदी चिट्ठों के संकलको की सहायता से छोटे परिवार को आगे बढ़ते देखा है। संकलक लोकप्रिय हुए। फिर आलोचना के शिकार बने। नए संकलकों ने उनकी जगह ली और एक दिन वे भी उसी हस्र का शिकार हुए जैसे कि उनके पूर्ववर्ती। एक चर्चा मंच था फिर कई हुए। होने ही थे क्यूँकि ब्लॉगिंग कोई ऐसी विधा नहीं है जो कुछ क्षत्रपों द्वारा नियंत्रित और संचालित होती रहे। दुर्भाग्यवश हिंदी में चिट्ठा लिखने वालों में ये प्रवृति इसके शुरुआती दिनों से ही हावी रही। आज भी हिंदी में चिट्ठे लिखने वालों का एक बड़ा वर्ग अपनी लेखनी का इस्तेमाल इसलिए करता है कि उसकी रियासत कुछ और फैले। जब कई रियासतें फैलेंगी तो उनमें पारस्परिक संघर्ष तो होगा ही।

ख़ैर खुशी की बात ये है कि इस उठापटक के बावजूद भी सैकड़ों ऐसे चिट्ठे हैं जो चुपचाप ही सही पर रोचक और स्तरीय सामग्री नेट के हिंदी कोष में जमा करते जा रहे हैं। लोग इस बात को भी समझ चुके हैं कि जैसे जैसे ब्लॉगों की संख्या बढ़ती जाएगी संकलक अपनी उपयोगिता खोते जाएँगे। वैसे भी सोशल नेटवर्किंग के युग में संकलकों से कही ज्यादा आसानी से आप फेसबुक और ट्विटर के ज़रिए अपने पाठकों तक पहुँच सकते हैं। यही वज़ह है कि हिंदी ब्लॉगिंग से जुड़े तमाम लोग इन माध्यमों को तेजी से अपना रहे हैं।

चलते चलते एक बार फिर पिछले साल कही अपनी बात को दोहराना चाहूँगा कि

अपने अनुभवों से इतना कह सकता हूँ कि जैसे जैसे आप अपने विषय वस्तु यानि कान्टेंट में विस्तार करते जाते हैं, कुल पाठकों की संख्या में तो वृद्धि होती है पर उसमें एग्रगेटर से आनेवाले पाठकों का हिस्सा कम होता जाता है। इसलिए सनसनी या बिना मतलब के पचड़ों में पड़ने के बजाए अपने मन की बात कहें और पूरी मेहनत के साथ कहें।

उम्मीद करता हूँ कि संगीत और साहित्य का ये सफ़र आपके स्नेह से इस साल भी खुशनुमा रहेगा...
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28 comments:

Sneha on March 26, 2011 said...

Congrats.:)
Hope u are able to maintain and be consistent in your blogging.

Deepika Pokharna on March 26, 2011 said...

Aapke blog ke paanch saal pure hone par dhero Badhaiyan !!

डॉ॰ मोनिका शर्मा on March 26, 2011 said...

ढेर सारी बधाई ...शुभकामनायें सतत लेखन की...

राज भाटिय़ा on March 27, 2011 said...

आप को बहुत बहुत बधाई जी. बहुत सुंदर

Patali-The-Village on March 27, 2011 said...

ढेर सारी शुभकामनायें|बहुत सुंदर

पारुल "पुखराज" on March 27, 2011 said...

बधाई…खूब अच्छे गीत मिले हैं यहां

Rachana. on March 27, 2011 said...

मनीष जी, नमस्ते!
हार्दिक बधाई स्वीकार करें... अपने इस unprofessional ब्लॊग को और कई वर्षों तक professionally चलाते रहें ताकि हमे अच्छा संगीत जानने और सुनने को मिले....

उन्मुक्त on March 27, 2011 said...

बधाई।

योगेन्द्र पाल on March 27, 2011 said...

आप हमेशा सार्थक ब्लोगिंग करते रहे यह दुआ करता हूँ

क्या आपने अपने ब्लॉग में "LinkWithin" विजेट लगाया ?

Kajal Kumar on March 27, 2011 said...

वाह जी बल्ले बल्ले

Archana on March 27, 2011 said...

बहुत-बहुत बधाई.....व शुभकामनाएं ..आपका प्रयास अनुकरणीय़ है ...आभार...बेहतरीन वार्षिक श्रंखला के लिए भी....

अफ़लातून on March 27, 2011 said...

मेरे लिए नये गीतों में से चुनाव का काम इन पांच वर्षों में इस ब्लॉग ने किया । आभार ।

Udan Tashtari on March 27, 2011 said...

बहुत बहुत बधाई और अनेक शुभकामनाएं.....

मीनाक्षी on March 27, 2011 said...

ख़ामोशी से आपके ब्लॉग पर आते रहे और मधुर संगीत का आनन्द लेते रहे...लेकिन आज पाँच साल पूरे होने पर बधाई और शुभकामनाएँ देने तो आना ही चाहिए था..

Abhishek Dadhich on March 27, 2011 said...

Many congratulations on achieving this milestone. I've been an avid reader of your blog for at least last 2 years and I highly appreciate the content & quality of your posts.

It is extremely difficult to put words to explain the nuances of music and hats-off to you for doing this beautifully & flawlessly.

Wish you many many more years of quality blogging. Good luck!

प्रिया on March 27, 2011 said...

Heartiest congratulations Manish Ji....Kai baar aapki prastutui par kuch kahte nahi banta isliye...bina kuch kahe padh kar chale jaate hain :-) Lekin hamein pata hain agar kisi shayar ka khaas andaaz aur rachna dhoondhna ho to uska vistrat varnan aapke pass hi milega :-)

regards,

Priya

अनूप शुक्ल on March 27, 2011 said...

वाह,वाह! बहुत बहुत बधाई! आज की पोस्ट का टाइटल तो पांच साल मेरे नाम होना चाहिये था। जय हो।

चैतन्य शर्मा on March 27, 2011 said...

ढेर सारी शुभकामनाएँ ....बहुत बहुत बधाई

anitakumar on March 28, 2011 said...

मनीष जी, नमस्ते!
हार्दिक बधाई स्वीकार करें... अपने इस unprofessional ब्लॊग को और कई वर्षों तक professionally चलाते रहें ताकि हमे अच्छा संगीत जानने और सुनने को मिले....

mrityunjay kumar rai on March 28, 2011 said...

ढेर सारी बधाई ...शुभकामनायें

uma on March 28, 2011 said...

bahut bahut badhai aapko manish ji

कंचन सिंह चौहान on March 28, 2011 said...

ब्लगिंग करने का आपका तरीका हमेशा ही पसंद आया है मुझे। जिसमे न कोई मिर्च है, ना मसाला.. जो है, जैसा है, जस का तस हमारे सामने है...!!

आपसे बहुत कुछ सीखा है, आपसे बहुत कुछ सीखती रहूँगी...!!

फिलहाल बधाई मेरी भी

Abhishek Ojha on March 28, 2011 said...

बधाई के साथ धयवाद भी :)

Mamta Prasad on March 29, 2011 said...

Cheers for completing five years of your blog.....will say it's not a small achievement.....specially to maintain good and interesting blog...Well done...:-) God Bless you Manish jee....

Salil Dhawan on March 29, 2011 said...

paach saal purey karne k liye bahut bahut badhai. aap jitni mehnat se itna informative blog likhte hain, aur iske liye waqt nikaalte hain, yeh bahut badi baat hai....bas itna hi kehna chahoonga ki allah karey zor-e-kalam aur zya...ada.

Manish Kumar on March 31, 2011 said...

आप सब की शुभकामनाओं का हार्दिक शुक्रिया !

गौतम राजरिशी on May 10, 2011 said...

you are amazing manish ji....five years and such dedication....chupchaap shiddat se- itni shiddat se aapko lage dekhta hoon to nat-mastak ho jaata hu...

hats off to u sir...carry on...carry on!!!

अनुपमा पाठक on November 01, 2011 said...

ढ़ेर सारी शुभकामनाएं!
बहुत से पोस्ट्स लगातार पढ़ते रहे...
बहुत अच्छा संकलन है...
बना रहे... बढ़ता रहे... निरंतर!

 

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