Monday, January 11, 2021

वार्षिक संगीतमाला 2020 : गीत # 19 : रात है काला छाता... Raat Hai Kala Chhata

आज जिस गीत को आपके सामने ले के आ रहा हूँ वो ज्यादातर लोगों के लिए अनजाना ही होगा। दरअसल ये एक ऐसा गीत है जो उस दौर के गीत संगीत की याद दिला आता है जिसे फिल्म संगीत का स्वर्णिम काल कहा जाता है। श्री वल्लभ व्यास के लिखे इस गीत के बोल थोड़े अटपटे से हैं पर उसे स्वानंद किरकिरे अपनी खुशमिजाज़ आवाज़ से यूँ सँवारते हैं कि उन्हें सुनते सुनते इस गीत को गुनगुनाने का दिल करने लगता है। वही ठहराव और वही मधुरता जो आजकल के गीतों में बहुत ढूँढने से मिलती है।

ये गीत है फिल्म सीरियस मेन का जो नेटफ्लिक्स पर पिछले अक्टूबर में रिलीज़ हुई थी। वैज्ञानिकों के बीच छोटे पद पर काम करते हुए अपने को कमतर माने जाने की कसक नायक के दिलो दिमाग में इस कदर घर कर जाती है कि वो प्रण करता है कि अपने बच्चे को ऐसा बनाएगा कि सारी दुनिया उसकी प्रतिभा को नमन करे। पर इस काली रात से सुबह के उजाले तक पहुँचने के लिए वो अपने तेजाबी झूठ का ऐसा जाल रचता जाता है कि गीतकार को कहना पड़ता है...रात है काला छाता जिस पर इतने सारे छेद.... तेजाब उड़ेला किसने इस पर जान ना पाए भेद


इस गीत की मूल धुन का क्रेडिट गीत में फ्रांसिस मेंडीज़ को दिया गया है पर इसे इस रूप में लाने का श्रेय है असम से ताल्लुक रखने वाले अनुराग सैकिया को जो पहले भी अनुभव सिन्हा की फिल्मों में अपने बेहतरीन काम से हिंदी फिल्म जगत में अपना सिक्का जमा चुके हैं। प्रवासी मजदूरों पर गीतकार सागर के लिखे लोकप्रिय गीत मुंबई में का बा का संगीत निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। इस गीत के संगीत संयोजन में उन्होंने गिटार और बैंजो के आलावा पियानिका और मेंडोलिन का प्रयोग किया है। इन वाद्य यंत्रों पर उँगलियाँ थिरकी हैं सोमू सील की।

रात है काला छाता जिस पर इतने सारे छेद
तेजाब उड़ेला किसने इस पर जान ना पाए भेद
ता रा रा रा.रा रा ... रा रा रा.रा रा .

अब खेलेगा खेल विधाता, चाँद बनेगा बॉल, बॉल... 
सभी लड़कियाँ सीटी होंगी सारे शहर को कॉल
खेल में गड़बड़ नहीं चलेगी, सीटी हरदम बजी रहेगी
जारा ध्यान से इसे बजाना, खुल जाएगी पोल

हम आवारा और लफंगे हैं, लेते सबसे पंगे हैं
लेकिन पंगे सँभल के लेना, वर्ना पड़ जाएगा लेने को देना
रात है काला छाता जिस पर इतने सारे छेद...

तो आइए सुनें स्वानंद की आवाज़ में सीरियस मेन के इस गीत को..


है ना मजेदार गाना? वैसे अगर आप में से किसी ने इसकी मूल धुन सुनी हो तो मुझे जरूर बताएँ। 

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2 comments:

Manish said...

सर कन्फर्म तो नहीं हैं, पर इसकी धुन "नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये..." से प्रेरित लगती है।

Manish Kumar on January 12, 2021 said...

ना ना। मूल धुन के लिए फ्रांसिस मेंडेस को क्रेडिट दिया गया है फिल्म के एल्बम में।

 

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