Tuesday, September 18, 2007

क्या आप भी करते हैं रेडिओ से प्यार ?

बचपन से किशोरावस्था तक रेडिओ मेरे जीवन का अभिन्न अंग रहा है। बीबीसी वर्ल्ड सर्विस का Sports Round Up हो या रेडिओ सीलोन की सिबाका गीत माला , विविध भारती का हवा महल हो या आकाशवाणी पटना का खदेड़न को मदर... ये सब के सब कार्यक्रम एक समय में हमारी दिनचर्या का हिस्सा होते थे। और शायद ऐसे ही कुछ कार्यक्रम आपके भी पसंदीदा रहे होंगे...

रेडियो से जुड़ी यादों और आज के समय में उसके महत्त्व पर विचारों को बाँटने के लिए एक सामूहिक चिट्ठा बनाया गया है रेडियोनामा । आप भी उससे जुड़ सकते हैं बशर्ते रेडियो ने आपके जीवन को भी किसी ना किसी रूप में छुआ हो और आप अपने विचारों को हम सब के साथ बाँटने को इच्छुक हों।

इसी सिलसिले में १९७९ के ओवल क्रिकेट टेस्ट के दौरान आँखों देखा हाल सुनाने वाले सुशील दोशी से जुड़ी कुछ यादें बाँटी हैं मैंने रेडियोनामा पर जो आप यहाँ पढ़ सकते हैं।
Related Posts with Thumbnails

5 comments:

Udan Tashtari on September 18, 2007 said...

मजा आया पढ़कर. जल्द ही जुड़ते हैं आपके आदेशानुसार- कोशिश करके. :)

Manish on September 18, 2007 said...

जी बिलकुल, आपके चुटीले अंदाज में रेडियों से जुड़ी यादें पढ़ना मज़ेदार होगा।

सजीव सारथी on September 18, 2007 said...

मनीष जी आप मुझे कैसे भूल गए आप radio की महफ़िल जमाये और हम न आए हो नही सकता

Amit on September 19, 2007 said...

देख लिए हैं रेडियोनामा भी, पढ़ भी रिये हैं जब से शुरु हुआ! ;) मेरे लिए रेडियो का प्रयोग कोई खास नहीं रहा है, पर यदा कदा मोबाइल में मौजूद FM से किसी स्टेशन को लगा गाने आदि सुन टाईमपास अवश्य किया है। :)

Manish on September 21, 2007 said...

सजीव भाई और अमित आपका स्वागत है रेडियोनामा में।

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie