Wednesday, February 02, 2022

वार्षिक संगीतमाला Top Songs of 2021 जैसे रेत ज़रा सी Rait Zara Si

राँझणा और तनु वेड्स मनु जैसी कामयाब फिल्में बनाने वाले आनंद राय जब एक बार फिर धनुष को अपनी नयी फिल्म अतरंगी रे में सारा और अक्षय कुमार के साथ ले कर आए तो आशा बँधी कि फिल्म कुछ वैसा ही जादू दोहरा पाएगी। धनुष के शानदार अभिनय के बावज़ूद अपनी लचर पटकथा की वज़ह से फिल्म तो कोई कमाल दिखला नहीं सकी जैसी आशा थी अलबत्ता संगीतकार ए आर रहमान एलबम में अपनी छाप छोड़ने में पूरी तरह सफल हुए। यही वज़ह है कि इस फिल्म के तीन गीत पिछले साल के शानदार गीतों की इस संगीतमाला में अपनी जगह बना पाए हैं।



जहाँ तक रेत ज़रा सी का सवाल है तो यहाँ क्या मेलोडी रची है रहमान साहब ने। अगर आप दूर से भी इस गीत को सुनें तो सहज ही धुन की मधुरता आपको इसे गुनगुनाने पर मजबूर कर देगी। ज्यादातर धुनें पहले बनती हैं शब्द बाद में लिखे जाते हैं। जब भी कोई धुन बनती है तो संगीतकार या तो कच्चे बोलों से काम चलाता है या फिर अनर्गल बोलों का सहारा लेता है जिसे अंग्रेजी में Gibberish कहा जाता है। नेट पर मुझे इस गीत का ऐसा ही आडियो मिला जिसमें रहमान इस धुन को कुछ ऐसे ही बोलों से विकसित कर रहे हैं। तो सुनिए आप भी 

   

पर आकाश में सिर्फ चाँद हो तो क्या रात अपनी सारी खूबसूरती बिखेर पाएगी? नहीं ना उसे तो ढेर सारे तारों की टिमटिमाहट भी चाहिए। शब्दों की यही जगमगाहट गीतकार इरशाद कामिल लाए हैं और उस चमक को अपनी गायिकी से हम तक पहुँचाया है अरिजीत सिंह और शाशा तिरुपति की युगल जोड़ी ने।

इस गीत के मुखड़े को सुनकर  बचपन के वो दिन आ जाते हैं  जब रेत के टीले पर चढ़ते उतरते मस्ती करते हम बच्चे अपनी हथेलियों में मुट्ठी भर भर कर रेत का घर बनाने कर लिए ले जाया करते थे पर हर कदम के साथ रेत उँगलियों के कोनों से गिरती जाती और लक्ष्य तक पहुँचते हुए ज़रा सी ही रह जाती थी। 

इस फिल्म में धनुष और सारा का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही है जो रेत की तरह दिल रूपी हथेली से कभी उड़ता तो कभी फिसलता चला जाता है। इन भावों को कितनी सरलता से कामिल कुछ यूँ व्यक्त करते हैं ...रोज़ मोहब्बत पढ़ता है, दिल ये तुमसे जुड़ता है...हवाओं में यूँ उड़ता है, हो जैसे रेत ज़रा सी....हाथ में तेरी खुशबू है, खुशबू से दिल बहला है...ये हाथों से यूँ फिसला है, हो जैसे रेत ज़रा सी


होना तेरा होना, पाना तुमको पाना
जीना है ये माना, पल भर में सदियां
है सदियों में, जीना है ये माना
हाथ में तेरी खुशबू है, खुशबू से दिल बहला है
ये हाथों से यूँ फिसला है, हो जैसे रेत ज़रा सी
रोज़ मोहब्बत पढ़ता है, दिल ये तुमसे जुड़ता है
हवाओं में यूँ उड़ता है, हो जैसे रेत ज़रा सी

ये हलचल, दिल की ये हलचल
बोले आज आस पास तू मेरे
बिखरा हूँ मैं तो, कुछ पल हवा में
तेरे भरोसे को थामे
चलना भी है बदलना भी है
तुझमें ही तो ढलना भी है

दिल थोड़ा जज़्बाती है, भर जाता है बातों से
ये फिर छलके यूँ आँखों से, हो जैसे रेत जरा सी
हाथ में तेरी खुशबू है, सच पुछो तो अब यूँ है
तू चेहरे पे मेरे ठहरा, हो जैसे रेत ज़रा सी


अरिजीत तो दर्द भरे प्रेम गीतों के बेताज बादशाह हैं ही शाशा तिरुपति ने भी दिल थोड़ा जज़्बाती है.. गाते हुए उनका बखूबी साथ दिया है। शाशा का अरिजीत के साथ गाया ये तीसरा युगल गीत हैं और वो मानती हैं कि अरिजीत के साथ उनकी आवाज़ गानों में फबती है। रहमान के बारे में उनका कहना है कि वो गीत बनाते समय ही मन में एक प्रारूप बना लेते हैं हैं कि ये गीत किससे गवाना है? रहमान ने इस गीत में ताल वाद्यों के साथ बाँसुरी और सरोद का इस्तेमाल किया है। करीम कमलाकर की बजाई बाँसुरी गीत सुनने के बाद में भी मन में बजती रहती है। रहमान का गीत है तो अंतरों के बीच कोरस का होना तो स्वाभाविक ही है।

तो आइए सुनें इनकी आवाज़ में ये मीठा सा नग्मा।

 

वार्षिक संगीतमाला 2021 में अब तक

अगर आप सोच रहे हों कि मैंने हर साल की तरह इस गीत की रैंक क्यूँ नहीं बताई तो वो इसलिए कि इस साल परिवर्तन के तौर पर गीत किसी  क्रम में नहीं बजेंगे और गीतों की मेरी सालाना रैंकिंग सबसे अंत में बताई जाएगी। 

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11 comments:

Vishwa Deepak on February 03, 2022 said...

हम यह मान बैठते हैं कि गाने के बोल न हों तो असर नहीं आता
.
रहमान हर बार इस myth को खारिज़ करते हैं
.
मेरे लिए जितना असर इरशाद क़ामिल के शब्दों या अरिजीत की आवाज़ में है, उससे तनिक भी कम रहमान की gibberish में नहीं
इससे पहचान कराने के लिए मनीष जी आपका लाख-लाख धन्यवाद

Manish Kumar on February 03, 2022 said...

Vishva Deepak जी बिल्कुल सहमत हूं। मेलोडी इतनी सशक्त है कि आप बिना शब्द सुने ही इस गीत तक खिंचे चले जायेंगे। बाकी शब्द इस जुड़ाव को देर तक आपके मन में बनाए रखने में जरूर सहायक हैं।🙂

Tripti Kaushik on February 03, 2022 said...

आप की वजह से फिल्मों, गीत- संगीतकारों और गायकों से परिचित हूं जितनी हूं।

Manish Kumar on February 03, 2022 said...

अच्छा तृप्ति जी। वैसे पुराने गीत तो आप सुना करती होंगी।

Swati Gupta on February 08, 2022 said...

फिल्म भी अच्छी है और इसके गाने भी

Manish Kumar on February 08, 2022 said...

Swati गाने तो अच्छे हैं पर फिल्म के बारे में दोस्तों से मुझे तो मिश्रित प्रतिक्रिया मिली.

Kanchan Singh Chouhan on February 08, 2022 said...

अभी तुरंत एक दोस्त के बर्थडे के लिए स्लाइड बनाई है इसी गीत पर। प्यारे बोल हैं इस गीत के।

Manish Kumar on February 08, 2022 said...

@Kanchan अच्छा :)

Unknown on February 14, 2022 said...

न्यू ईयर पार्टी नहीं आपकी ईयर एंड लिस्ट का इंतज़ार रहता है सर । Can't thank you enough for doing this

Manish Kumar on February 26, 2022 said...

इंतज़ार रहता है ये जानकर खुशी हुई पर आप अपने नाम के साथ ये टिप्पणी करते तो मुझे और प्रसन्नता होती।

Aakash said...

I love this format of lyrics breakdown,the inside stories you bring,and most importantly my favorite part(instruments).You are one of my favorite.I wish you could write regularly on twitter like RaghavanMj,MusicAloud,Soundtrackindia,MusicMastani, parikhm, Pavan Jha, Anish Mohanty,Amit Gurbaxani,Himanshu Negi

 

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