हनी, बनी और सागर इन तीन नामों से आप शायद ही परिचित होंगे पर इन्होंने डेढ़ साल पहले जो गीत रचा वो आप सबने जरूर ही गुनगुनाया होगा। जी हां मैं बात कर रहा हूं तू है तो दिल धड़कता है कि जिसका संगीत निर्देशन किया है हनी-बनी की बेहद युवा जोड़ी ने। आवाज़ दी है बनी और सागर ने और लिखा है सागर ने।
फिल्म मिस्टर एंड मिसेज माही में शामिल इस गीत ने 2024 में संगीत जगत में खासा तहलका मचाया। फिल्म के इतर गायिका नीति मोहन इस गीत का एक अंतरा गा के इसकी शोहरत में और इज़ाफ़ा किया। वैसे इतनी कम उम्र में इन कलाकारों का सितारा चमका तो वो इंटरनेट की बदौलत ही जहां गीत का मुखड़ा ऐसा वायरल हुआ कि इस युवा तिकड़ी को रातों रात एक पहचान मिल गई। पर आप सब के मन में ये सवाल तो आ ही रहा होगा कि आख़िर ये गीत बना कैसे और इन तीन अनजान से कलाकारों की झोली में गिरा कैसे?
दरअसल पंजाबी गीतों के एक गीतकार और कम्पोज़र हैं राजीव अरोड़ा जिन्हें दुनिया "जानी" के नाम से जानती है। इनकी एक टीम "जानी" है जिनका हिस्सा ये तीन कलाकार भी हैं। फिल्म में आने के करीब एक साल पहले सागर ने गीत का मुखड़ा लिखा था। उस दिन इनके दोस्त राग यमन की प्रैक्टिस कर रहे थे दा रा री र रा ..और उससे सागर ने बोलों में ढाला कोई नहीं है मेरा जरूरत मेरी....फिर मुखड़े को उन्होंने अपनी मां के बारे में सोचते हुए पंजाबी में लिखा जो बाद में हिंदी में कुछ इस शक्ल में आया
कोई नहीं मेरा जरूरत तेरी,
लागे ना जिया देखूं ना जो सूरत तेरी
तू है तो दिल धड़कता हैलागे ना जिया देखूं ना जो सूरत तेरी
तू है तो सांस आती है
तू ना तो घर घर नहीं लगता
तू है तो डर नहीं लगता
पर इसके आगे जब पूरा गीत लिखने की बारी आती तो उन्होंने इसे इस तरह लिखा कि लोग इसे अपने प्रिय, अपने हमसफ़र के लिए गा सकें। एक साल तक ये लोग गाना बनाने के बाद बैठे रहे। आश्वस्त नहीं थे कि गाना किसी को पसंद आयेगा।
फिर ऐसा हुआ कि मिस्टर एंड मिसेज माही में जानी एक गीत का संगीत दे रहे थे और उन्हें एक और अदद गीत की तलाश थी। उन्होंने इस गीत का मुखड़ा बनी सागर से सुन रखा था और उन्होंने उसी रिकॉर्डिंग की फरमाइश कर दी। स्टूडियो में बैठे बैठे सिर्फ गिटार के साथ रिकॉर्ड किया वो वॉयस नोट सबको इतना पसंद आया कि बिना धुन में छेड़ छाड़ किए गाने के बाकी अंतरे लिखने का आदेश आया और फिर सागर ने ये बोल लिखे
तू है तो ग़म ना आते हैं
तू है तो मुस्कुराते हैं
कि तेरे बिन सो नहीं सकते
किसी के हो नहीं सकते
तू है तो हां ...... तू है तो
तुझसे मेरा जीना मरना
जान तेरे हाथ में
सौ जनम भी कम क्यों लागे
लागे तेरे साथ में
मैं मुसाफ़िर तू मुसाफ़िर
इस मोहब्बत के सफ़र में
दो अकेले रोएं मिलके
मिलके दोनों रब के घर में
साथ तेरे ना सफ़र
वो सफ़र नहीं लगता
तू है तो दिल धड़कता ...
है अगर ये ख्वाब तो
फिर नींद ना टूटे कभी
सांस छूटे हाथ से
पर हाथ ना छूटे कभी
मैं नासमझ नादान हूं
आके मुझको थाम ले
लागे मुझको रब बुलाए
जब तू मेरा नाम ले
तू समंदर गहरा है
सागर नहीं लगता
तू है तो दिल धड़कता है...
तू है तो मुस्कुराते हैं
कि तेरे बिन सो नहीं सकते
किसी के हो नहीं सकते
तू है तो हां ...... तू है तो
तुझसे मेरा जीना मरना
जान तेरे हाथ में
सौ जनम भी कम क्यों लागे
लागे तेरे साथ में
मैं मुसाफ़िर तू मुसाफ़िर
इस मोहब्बत के सफ़र में
दो अकेले रोएं मिलके
मिलके दोनों रब के घर में
साथ तेरे ना सफ़र
वो सफ़र नहीं लगता
तू है तो दिल धड़कता ...
है अगर ये ख्वाब तो
फिर नींद ना टूटे कभी
सांस छूटे हाथ से
पर हाथ ना छूटे कभी
मैं नासमझ नादान हूं
आके मुझको थाम ले
लागे मुझको रब बुलाए
जब तू मेरा नाम ले
तू समंदर गहरा है
सागर नहीं लगता
तू है तो दिल धड़कता है...
इस गीत का सबसे सशक्त पहलू है गीत की धुन और उतने ही प्यारे इसके सहज और दिल को छूने वाले बोल। गिटार के साथ बीच बीच में बजता तबला अजीम जी के सुझाव पर डाला गया। गीत का दोनों अंतरों के बीच के फिलर के तौर पर प्रसिद्ध वादक पारसनाथ से कुछ ऐसा बजाने को कहा गया जिसमें शांति और सुकून हो कृष्ण की बंसी की तरह और पारस ने क्या ही धुन निकाली बांसुरी की।
फिल्म आई और चली गई पर ये गीत अभी भी लोगों की जुबान पर है। पिछली पायदान पर विराजमान जोड़ी के आमिर मीर ने भी इसे अपने गहरी आवाज़ में इसे पूरे दिल से गाया है। फिलहाल तो आप फिल्म में बनी और सागर के सम्मिलित स्वरों में और फिर नीति मोहन द्वार गाए हुए इसके दोनों वर्जन सुन लीजिए।





















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