Thursday, December 26, 2019

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 30 : कितने बेचैन होते होंगे, छोटे छोटे नैन रोते होंगे Chitthiye

वार्षिक संगीतमाला की शुरुआत तो अगले साल पहली जनवरी से होगी पर उसके पहले जिक्र होगा बारी बारी से उन छः गानों का जो वार्षिक संगीतमाला के बेहद करीब आकर बाहर रह गए। भले ही ये संगीतमाला में नहीं हों पर इन्होंने मेरी गीतमाला में लगभग उतने ही अंक प्राप्त किए हैं जितने कि अंतिम के कुछ गीतों ने। अब तक आप सबने जो पसंद बताई है उसका कोई गीत इस छः गीतों में है तो आप उसे भी अपने स्कोर में शामिल कर सकते हैं।


आजकल हिंदी फिल्मी गीतों में पंजाबी बोलों का मिश्रण इस क़दर बढ़ गया है कि कई बार तो इन्हें सुनकर कोफ़्त सी होने लगती है। इसका एक कारण ये है कि जितने भी डांस या रैप नंबर हैं उनके मशहूर गायक पंजाब से आते हैं और आजकल की फिल्मों में इन्हीं गीतों की तूती बोल रही है। ऐसे गीतों में बेब्बी, सोणी, कुड़ी, रब्बा जैसे तमाम रटे रटाए पंजाबी शब्दों का इस तरह समावेश ऐसे होता है जैसे हर सब्जी में धनिया डलता हो।

इसके बावज़ूद कुछ गीत अपनी संवेदनशीलता से एक अलग पहचान छोड़ जाते हैं। ऐसा ही एक गीत संगीतमाला का हिस्सा भी है जबकि दूसरे को आज आपके सामने ले के आ रहा हूँ। इसे गाया है पंजाब के एक चर्चित सूफी गायक कँवर ग्रेवाल ने। कँवर ग्रेवाल संगीत के पुराने विद्यार्थी रहे हैं और उनकी गहरी आवाज़ इस गीत में पिता और बेटी के रिश्तों में आई खटास की पीड़ा सहज अभिव्यक्त कर देती है। रोचक कोहली का गिटार और तबला गीत में बहते दर्द में मरहम लगाने का काम करता है। गुरप्रीत सैनी के बोल तो सामान्य हैं पर गीत के एक अंतरे की ये पंक्तियाँ खास तौर पर असर डालती हैं।

कितने बेचैन होते होंगे, छोटे छोटे नैन रोते होंगे 
सहमे सहमे जागते अकेले, तन्हा सारी रात सोते होंगे 
काश कि तेरे नाल बह के, रो लैंदा तेरे दुख ले के
बोल तेरे ख्वाबाँ दी, डोर कित्थे टूटिए
जिंद मेरी रूठिये... चिट्ठिए नि चिट्ठिए

इस फिल्म में पिता और पुत्री का किरदार निभाया है वास्तविक पिता पुत्री अनिल कपूर और सोनम कपूर ने।

 

आपमें से बहुतों की पसंद में ये गीत था और मुझे भी कँवर की गायिकी भा गयी थी पर पच्चीस गीतों की बाध्यता की वज़ह से इसे अंतिम पच्चीस में स्थान नहीं मिल पाया। बहरहाल इस गीत के साथ आपमें से बहुतों का खाता खुल चुका होगा जो एक शाम मेरे नाम की इस प्रतियोगिता का हिस्सा बने हैं। अगर आपने ये गीत सुन लिया है तो इस गीतमाला की अगली पेशकश सुनना ना भूलें जिसे फिल्म मलाल से लिया गया है।

Related Posts with Thumbnails

11 comments:

Arvind Mishra on December 26, 2019 said...

लो मुझे जिस गीत पर पूरा विश्वास था कि ये तो होगा ही होगा 25 गीत में। वो ही बाहर हो गया

Manish Kumar on December 26, 2019 said...

इस गीत को भी गीतमाला का हिस्सा ही समझिए। मिली जुली पसंद का आपका खाता खुल चुका है। हार्दिक बधाई।

Manish on December 26, 2019 said...

लिस्ट तैयार करते हुए ये गीत भी सुना था। पर उतना ध्यान से नहीं सुन पाया।

Manish Kumar on December 26, 2019 said...

Manish पिता समय रहते बेटी के दिल को नहीं पढ़ पाया इसी बात की पीड़ा छलकी है इस गीत में।
अभी संगीतमाला शुरु होने के पहले जो छः गाने आएँगे उनका भी स्कोर जुड़ेगा। सो अपना स्कोर जोड़ते रहना

Smita Jaichandran on December 26, 2019 said...

सच!! बॉलीवुड गानों में पंजाबी बोलों का कुछ ज़्यादा ही इस्तेमाल, कोफ्त तो हमे भी होती है। यह गीत तो हमने सुना ही नहीं, सोनम बिल्कुल नहीं भाती हमे

Manish Kumar on December 26, 2019 said...

स्मिता जी और अनिल कपूर वो भी हैं इस गीत में :)

Pratima Sharan on December 27, 2019 said...

Love This Song.

Manish Kumar on December 27, 2019 said...

Pratima चलो चार नंबर कटे और अब पहला नंबर मिला।

Smita Jaichandran on December 27, 2019 said...

अनिल कपूर ठीक ठाक लगते हैं। पहली बार सुना, पर सुनते ही बहुत पसंद आ गया। आपकी संगीतमाला का इंतज़ार इसी वजह से हर साल रहता है, छूटे हुए बेहतरीन गाने जो लेे आते हैं आप।

kapil jain on January 17, 2020 said...

आपके इस काउंटडाउन का इंतज़ार हर साल रहता है। कंवर ग्रेवाल बहुत ही अच्छे पंजाबी सूफी गायक हैं, और इस गाने में बस उनकी आवाज ही है, जो इसे स्पेशल बनाती है। शेयर करने के लिए आभार!

Manish Kumar on January 17, 2020 said...

धन्यवाद कपिल ! इस संगीतमाला में शामिल बाकी गीतों पर आपकी राय का इंतज़ार रहेगा।

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie