Wednesday, January 01, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 25 : सड़कों पे चाहे महलों में रहे Shart

वार्षिक संगीतमाला की आज की सीढ़ी पर गाना वो जिसे गाया सोनू निगम ने, धुन बनाई राणा मजूमदार ने और बोल लिखे अमिताभ भट्टाचार्य ने। मिलन टाकीज़ यूँ तो किसी सिनेमाहाल का नाम ही है पर कब ये फिल्म पिछले साल मार्च में सिनेमा के पर्दे पर आई और निकल गयी खास पता नहीं चला। शायद इस फिल्म में कोई बड़ा नामी चेहरा ना होना भी इसकी एक वज़ह रही हो। मिलन टाकीज़ फिल्मों में काम करने वाले दो कलाकारों की प्रेम कथा है जो उग्र पारिवारिक विरोध के चलते बेपटरी हो जाती है।


इस फिल्म का एक गीत संगीतकार राणा मजूमदार ने सोनू निगम से गवाया। सोनू की ये विशिष्टता है कि वो आम से लगने वाले गाने को भी खास बना देते हैं। उनके गाए हर गीत के पीछे उनकी मेहनत का असर दिखता है। इस गाने की जान इसका द्रुत गति से चलता हुआ मुखड़ा है जिसे सोनू ने बड़ी खूबसूरती से निभाया है। गीत का मुखड़ा कुछ यूँ शुरु होता है..

सड़कों पे चाहे महलों में रहे, जितने भी चाहे पहरों में रहे
कोई हमें कभी कर पाए ना जुदा, गिरजा में नहीं मंदिर नहीं

किसी दरगाह के दर पर नहीं, देखा मैने तेरे चेहरे में ही ख़ुदा..

राणा मजूमदार व  सोनू निगम 
आजकल गानों में तकनीक का कैसा इस्तेमाल हो रहा है ये गाना इस बात का जीता जागता उदाहरण है। हिंदी से ज्यादा बांग्ला फिल्मों में अपनी पहचान बनाने वाले राणा ने इस गीत के सांगीतिक व्यवस्था का जिम्मा स्वीडन के वादकों पर छोड़ा। गीत में जो वायलिन, सेलो. वॉयला, गिटार और बाँसुरी की गूँज सुनाई दी है उसे स्वीडन में रिकार्ड किया गया जबकि सोनू की आवाज़ मुंबई में। मिक्सिंग के बाद जो गीत बना वो आपके सामने है। अगर आप सोनू निगम की गायिकी के प्रशंसक हैं तो ये गीत आपको जरूर जँचेगा..



सड़कों पे चाहे महलों में रहे
जितने भी चाहे पहरों में रहे
कोई हमें कभी कर पाए ना जुदा
गिरजा में नहीं मंदिर नहीं
किसी दरगाह के दर पर नहीं
देखा मैने तेरे चेहरे में ही ख़ुदा 
अपने मिलन की कहानी
अधूरी रही तो अधूरी सही
तेरे अलावा न चाहूँ किसी को
ये शर्त खुद से रखी
मैने शर्त खुद से रखी
सड़कों पे चाहे...

नज़दीक से चाहतों के
दावे तो हमने किए
पर दूर रहके ही समझे
तुम क्या हो मेरे लिये
हो नज़दीक से...
इक बार तुमसे बिछड़े तो जाना
क़ीमत है क्या प्यार की
तेरे अलावा न चाहूँ...

मुश्किल है आना तुम्हारा
माना ये शक है मुझे
फिर भी बिछाई हैं पलके
इतना तो हक़ है मुझे
हो मुश्किल है आना...
तकदीर से भी लड़के रहेगा
ज़िद है तेरे यार की
तेरे अलावा न चाहूँ...

इस गाने को पर्दे पर अभिनीत किया है अली हसन और श्रद्धा श्रीनाथ ने..


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8 comments:

Arvind Mishra on January 01, 2020 said...

नज़दीक से चाहतों के
दावे तो हमने किए
पर दूर रहके ही समझे
तुम क्या हो मेरे लिये
वाह क्या लिरिक्स है।

Manish Kumar on January 01, 2020 said...

अमिताभ भट्टाचार्य एक कुशल गीतकार हैं।

Smita Jaichandran on January 01, 2020 said...

ऐसी भी 'फिलम' आयी थी?

Manish Kumar on January 01, 2020 said...

Smita Jaichandranअगले गाने पे भी आप यही कहने वाली हैं :)

Archana Singh on January 01, 2020 said...

गीत के बोल जितने प्यारे हैं गायकी उतनी ही ज़ोरदार

Manish Kumar on January 01, 2020 said...

हाँ बिल्कुल :)

Kanchan Singh Chouhan on January 03, 2020 said...

इस गीत के बोल बहुत प्यारे हैं।

Manish Kumar on January 03, 2020 said...

बोल के साथ साथ सोनू निगम ने भी अच्छा निभाया है गीत को।

 

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