Friday, January 24, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 15 : मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve

वार्षिक संगीतमाला का अगला गीत है फिल्म मरुधर एक्सप्रेस से। जानता हूँ इस फिल्म का नाम भी आपने शायद ही सुना होगा। यूँ तो इसका संगीत काफी पहले रिलीज़ हुआ था पर ये फिल्म पिछले साल जुलाई में रिलीज़ हुई और एक एक्सप्रेस ट्रेन की तरह सिनेमाघरों में बिना ज्यादा देर रुके फिल्मी पर्दे से उतर गयी। 


इस फिल्म का संगीत दिया था एक समय प्रीतम के जोड़ीदार रह चुके जीत गांगुली ने। फिल्म का तो पता नहीं पर एलबम में इस गीत के दो अलग वर्जन थे। एक में उर्जा से भरपूर सोनू निगम की आवाज़ थी तो दूसरी ओर इस गीत के अपेक्षाकृत शांत रूप को असीस कौर ने निभाया था। जीत का संगीत संयोजन वहाँ भी बेहतरीन है पर असीस उसे और बेहतर गा सकती थीं ऐसा मुझे लगा। सोनू निगम को भले ही आज के दौर में गाने के ज़्यादा  मौके नहीं मिलते पर इस छोटे बजट की फिल्म के लिए भी अपना दम खम लगा कर ये गीत निभाया है।

संगीतमाला में अगर ये गीत शामिल हो सका है उसकी एक बड़ी वज़ह जीत गाँगुली की धुन और संगीत संयोजन है जिसकी वज़ह से ये गीत तुरंत मन में स्थान बना लेता है। जीत ने एक सिग्नेचर ट्यून का इस्तेमाल किया है जो मुखड़े के पहले और अंतरे में बार बार बजती है और कानों को बड़ी भली लगती है। 

गीत का मूड रूमानी है और मनोज मुंतशिर की कलम तो ऐसे गीतों पर बड़ी सहजता से चलती है। मनोज सहज भाषा में अपने गीतों में कविता का पुट देने में माहिर रहे हैं। हाँ ये जरूर है कि इस गीत का लिबास तैयार करते हुए उन्होंने उर्दू शब्दों के गोटे जरूर जड़ दिए हैं जिससे गीत की खूबसूरती बढ़ जरूर गई है। मिसाल के तौर पर जब वो प्रेमिका को कहते हैं कि उसे एक पल भी नहीं भूले हैं तो उसका विश्वास पुख्ता हो उसके लिए वो आकाशगंगा के ग्रहों की गवाही लेना नहीं भूलते और गीत में लिखते हैं शाहिद (गवाह) हैं सय्यारे (सारे ग्रह)...इक पल मैं ना भूला तुझे।

शहरे दिल की रौनक तू ही, तेरे बिन सब खाली मिर्ज़ा...
तू ही बता दे कैसे काटूँ, रात फ़िराक़ा वाली मिर्ज़ा...
मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे
शाहिद हैं. सय्यारे...इक पल मैं ना भूला तुझे
मिर्ज़ा तेरा कलमा पढ़ना, मिर्ज़ा तेरी जानिब बढ़ना
तेरे लिए ख़ुदा से लड़ना, मिर्ज़ा मेरा जीना-मरना
सिर्फ़ तेरे इशारे पे है..ओ... सिर्फ़ तेरे इशारे पे है...

चाँद वाली रातों में, तेरी शोख़ यादों में
डूब-डूब जाता है यह दिल
मोंम सा पिघलता है, बुझता ना जलता है
देख तू कभी आ के ग़ाफ़िल
मिर्ज़ा वे. सुन जा रे.
वो जो कहना है कब से मुझे....

ओ ख़ुदाया सीने में ज़ख़्म इतने सारे हैं
जितने तेरे अंबर पे तारे...
जो तेरे समंदर हैं, मेरे आँसुओं से ही
हो गये हैं खारे-खारे
मिर्ज़ा वे. .....

(ग़ाफ़िल - अनिभिज्ञ, फ़िराक़ - वियोग, जानिब - तरफ, सय्यारे - ग्रह)

सोनू ने काफी द्रुत ताल में इस गीत को निभाया है। अगर आप सोनू निगम की गायिकी के अंदाज़ के मुरीद हैं तो इस गीत को आप जरूर पसंद करेंगे।

 

वार्षिक संगीतमाला 2019 
01. तेरी मिट्टी Teri Mitti
02. कलंक नहीं, इश्क़ है काजल पिया 
03. रुआँ रुआँ, रौशन हुआ Ruan Ruan
04. तेरा साथ हो   Tera Saath Ho
05. मर्द  मराठा Mard Maratha
06. मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए  Bharat 
07. आज जागे रहना, ये रात सोने को है  Aaj Jage Rahna
08. तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र  Zikra
09. दिल रोई जाए, रोई जाए, रोई जाए  Dil Royi Jaye
10. कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ  Shaabaashiyaan
11 . छोटी छोटी गल दा बुरा न मनाया कर Choti Choti Gal
12. ओ राजा जी, नैना चुगलखोर राजा जी  Rajaji
13. मंज़र है ये नया Manzar Hai Ye Naya 
14. ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda
15.  मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve
16. ऐरा गैरा नत्थू खैरा  Aira Gaira
17. ये आईना है या तू है Ye aaina
18. घर मोरे परदेसिया  Ghar More Pardesiya
19. बेईमानी  से.. 
20. तू इतना ज़रूरी कैसे हुआ? Kaise Hua
21. तेरा बन जाऊँगा Tera Ban Jaunga
22. ये जो हो रहा है Ye Jo Ho Raha Hai
23. चलूँ मैं वहाँ, जहाँ तू चला Jahaan Tu chala 
24.रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta 
Related Posts with Thumbnails

8 comments:

Smita Jaichandran on January 25, 2020 said...

यह लो जी... इक और सनीमा जिसका नाम तक ना सुना है..... पर गाना बेहद अच्छा लगा।

Manish Kumar on January 25, 2020 said...

Smita देखिए आप सब के लिए सागर में कितनी गहकी डुबकी लगा कर गीत लाए जा रहे हैं 😀

Swati Gupta on January 25, 2020 said...

शुक्र है किसी ने तो पंजाबी छोड़कर उर्दू बोल लिखे... और उस पर सोनू निगम की गायिकी....:)

Manish Kumar on January 25, 2020 said...

सोनू निगम की प्रतिभा का तो मैं भी कायल हूं 🙂। रही पंजाबी बोलों की बात तो अगला गीत हैं ना पंजाबी मिश्रित हिंदी वाला 😀

Jaishree Khamesra on January 25, 2020 said...

बोल बहुत ही सुन्दर लेकिन बीट्स हथोड़े के समान लगी ऐसे बोलों पर।

Manish Kumar on January 25, 2020 said...

Jaishree जीत गांगुली ने इस गीत को दो अलग अलग ट्रीटमेंट दी है। असीस कौर वाला वर्जन लो टेंपो वाला है जबकि सोनू से हाई टेंपो में गवाया है उन्होंने। असीस कौर वाला वर्जन आप यहां सुन सकती हैं

https://youtu.be/AtfFigC8Qyc

Sumit on January 26, 2020 said...

गहरे सागर वाला मोती :)

Manish Kumar on February 02, 2020 said...

Sumit हा हा :)

 

मेरी पसंदीदा किताबें...

सुवर्णलता
Freedom at Midnight
Aapka Bunti
Madhushala
कसप Kasap
Great Expectations
उर्दू की आख़िरी किताब
Shatranj Ke Khiladi
Bakul Katha
Raag Darbari
English, August: An Indian Story
Five Point Someone: What Not to Do at IIT
Mitro Marjani
Jharokhe
Mailaa Aanchal
Mrs Craddock
Mahabhoj
मुझे चाँद चाहिए Mujhe Chand Chahiye
Lolita
The Pakistani Bride: A Novel


Manish Kumar's favorite books »

स्पष्टीकरण

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

एक शाम मेरे नाम Copyright © 2009 Designed by Bie