Monday, January 27, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 10 : कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ Shaabaashiyaan

अमित त्रिवेदी, अमिताभ भट्टाचार्य और शिल्पा राव की तिकड़ी एक शाम मेरे नाम की संगीतमालाओं के लिए नई नहीं है। जब अमित और अमिताभ ने अपना संगीत का कैरियर शुरु ही किया था तो उनकी प्रतिभा की गहराई मुझे उनके गीत इक लौ इस तरह क्यूँ  बुझी मेरे मौला में  नज़र आई थी। संगीतमाला के उस सरताज गीत को शिल्पा राव ने ही अपनी बेहतरीन आवाज़ में निभाया था। आज ग्यारह साल बाद एक बार फिर इस तिकड़ी ने अपना कमाल दिखाते हुए पिछले साल के दस चुनिंदा गीतों में अपना स्थान बनाया है मिशन मंगल के गीत शाबाशियाँ के ज़रिए।


मिशन मंगल विज्ञान से जुड़ी फिल्म थी जिसमें संगीत का कोई किरदार हो सकता है इसके बारे में अमित शुरू  में सशंकित थे। अमित एक ऐसे संगीतकार हैं जो म्यूज़िक बैंक बनाने में विश्वास नहीं रखते। वे अक्सर अपने साक्षात्कारों में दोहराते हैं कि जब तक पटकथा की खुराक उनके सामने नहीं रख दी जाती वो संगीत बनाने के लिए प्रेरित नहीं हो पाते। मिशन मंगल के लिए उन्होंने दो ही गीत बनाए पर जब आप फिल्म देखेंगे तो बिल्कुल नहीं लगेगा कि ये गीत बाहर से थोपे गए हैं।

शाबाशियाँ विपरीत परिस्थितियों में मन में एक उत्साह का संचार करने वाला गीत है। अमिताभ के लिखे गीत के बोलों में वो ताकत है जो किसी के भी डगमगाते आत्मविश्वास को पुनर्जीवित कर दे। सच ही तो है कि लाख लोग आपकी असफलताओं पर तंज़ कसें पर अगर आप अपने कार्य को पूरी लगन व मेहनत से करते रहें तो सफल होने पर वही लोग आपको सिर पर चढ़ा लेंगे। अमित त्रिवेदी और उनकी टीम ने बड़े सटीक ढंग से गीत मुखड़े के पहले और अंतरे में तार वाद्यों का संयोजन किया है जो गीत के गंभीर मूड को बनाए रखता है। कुल मिला के ये ऐसा गीत है जिसे फिल्म के इतर भी काफी सालों तक सुना जाएगा।


कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू
देंगे वही सलामियाँ
दिल थाम के जहां देखेगा एक दिन
तेरी भी कामयाबियाँ
करके दिखा कमाल वो
आ के ज़मीं पे, देके जाए आसमाँ
शाबाशियाँ, शाबाशियाँ...
सच होने की ख़ातिर जो सपने कीमत माँगेंगे
जाग के रातें, कीमत भर देना (कीमत भर देना)
जब नज़दीक से देखे, तो खुशियों के आँसू आएँ
तू नज़रों को वो मंज़र देना (वो मंज़र देना)
ख़ुदी ये एक ही एक दिन मिटाएगी
तेरी हजार खामियाँ

करके दिखा कमाल वो...शाबाशियाँ, शाबाशियाँ

इस गीत में शिल्पा राव के साथ आनंद भास्कर और अभिषेक श्रीवास्तव की आवाज़ें हैं पर ये गीत शिल्पा का है इसमें कोई दो राय नहीं। उनकी अलग तरह की आवाज़ की बुनावट का फिल्म उद्योग ने उतना इस्तेमाल तो नहीं किया पर जब जब शिल्पा को मौके मिले हैं उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। शिल्पा जब गीत और कान्सर्ट नहीं कर रही होती हैं तो ग़ज़लें गुनगुनाकर मेरे जैसे श्रोताओं को मुग्ध करती रहती हैं। इस साल घुँघरू, कलंक और इस गीत में उनकी गायिकी काफी सराही गयी।

अभी हाल ही में इसी गीत का एक और वीडियो उन्होंने ज़ारी किया है तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना उसे भी यहाँ साझा किया जाए..


वार्षिक संगीतमाला 2019 
01. तेरी मिट्टी Teri Mitti
02. कलंक नहीं, इश्क़ है काजल पिया 
03. रुआँ रुआँ, रौशन हुआ Ruan Ruan
04. तेरा साथ हो   Tera Saath Ho
05. मर्द  मराठा Mard Maratha
06. मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए  Bharat 
07. आज जागे रहना, ये रात सोने को है  Aaj Jage Rahna
08. तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र  Zikra
09. दिल रोई जाए, रोई जाए, रोई जाए  Dil Royi Jaye
10. कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ  Shaabaashiyaan
11 . छोटी छोटी गल दा बुरा न मनाया कर Choti Choti Gal
12. ओ राजा जी, नैना चुगलखोर राजा जी  Rajaji
13. मंज़र है ये नया Manzar Hai Ye Naya 
14. ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda
15.  मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve
16. ऐरा गैरा नत्थू खैरा  Aira Gaira
17. ये आईना है या तू है Ye aaina
18. घर मोरे परदेसिया  Ghar More Pardesiya
19. बेईमानी  से.. 
20. तू इतना ज़रूरी कैसे हुआ? Kaise Hua
21. तेरा बन जाऊँगा Tera Ban Jaunga
22. ये जो हो रहा है Ye Jo Ho Raha Hai
23. चलूँ मैं वहाँ, जहाँ तू चला Jahaan Tu chala 
24.रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta 

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2 comments:

Manish on January 28, 2020 said...

जितनी अच्छी फ़िल्म थी, गीत उतना ही खूबसूरत और प्रेरित करने वाला! मुझे ये फ़िल्म का सर्वश्रेष्ठ गीत लगा

Manish Kumar on January 28, 2020 said...

संगीत के लिहाज़ से मिशन मंगल एक छोटा सा एलबम था। ऐसे भी विज्ञान से जुड़ी कहानियों में संगीत की बहुत गुंजाइश नहीं रहती। बाकी गीत मस्ती वाले थे पर तुमने सही कहा कि ये उनमें सबसे बेहतर था।

 

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