Saturday, February 08, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 सरताज गीत : तेरी मिट्टी Teri mitti

वक़्त आ गया है एक शाम मेरे नाम की वार्षिक संगीतमाला 2019  का सरताज बिगुल बजाने का। धुन, शब्द और गायिकी तीनों ही लिहाज़ से बाकी सारे गीतों से कहीं बेहतर रहा फिल्म केसरी का वो नग्मा जिसने इस गीतमाला की पहली सीढ़ी पर अपने आसन जमाए हैं। उन्नीसवीं शताब्दी के आख़िर में हुए अफगान सेना और अंग्रेजों की सिख पलटन के बीच हुए सारागढ़ी के युद्ध पर आधारित फिल्म केसरी का गीत 'तेरी मिट्टी' हर उस सिपाही को समर्पित है जिसने अपनी मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति दी है। 

आज इस सरताज गीत के तीन नायकों अर्को, मनोज मुंतशिर, बी प्राक और उनके पीछे के उन लोगों की बात करेंगे जिनकी वज़ह से ये गीत आपके सामने इस रूप में आ सका।


सबसे पहले शुरुआत करते हैं गीतकार मनोज मुंतशिर से जिनके एक दर्जन से भी ज्यादा गीत पिछले कुछ सालों से संगीतमाला का हिस्सा बनते आए हैं। मेरी उनसे बस एक ही शिकायत रहती थी कि अपनी प्रतिभा को रूमानियत भरे गीतों तक ही सीमित ना रखें। अब देखिए, जैसे ही उन्हें मौका मिला उन्होंने एक सैनिक का दिल इतनी तबियत से पढ़ लिया कि उन भावनाओं को महसूस कर ही संगीतप्रेमियों की आँखें नम हो गयीं। मनोज ने सैनिक के शौर्य की बात करते हुए चंद पक्तियों उसके गाँव,  खेत खलिहान और घर परिवार का पूरा नक्शा ही उकेर दिया।


मनोज बताते हैं कि इस गीत के रिलीज़ होने के बाद कारगिल पर तैनात एक सैनिक का रोते हुए फोन आया ये कहते हुए कि लोग पूछते थे कि पच्चीस हजार की नौकरी के लिए काहे छाती पर गोली खाने जाते हो? हम बता नहीं पाते थे। तेरी मिट्टी ने बता दिया। इस गीत को रचने के पहले उनसे ये कहा गया कि  युद्ध करते सैनिक के मन में अपनी ज़िंदगी के अंतिम चंद लमहों में क्या चल रहा होता है, इस मौजूँ पर आपको लिखना है।

संयोग की बात थी कि तब मनोज किसी सिलसिले में लंदन गए हुए थे। वहाँ से उन्हें लौटना था और मुंबई की आबोहवा उन्हें याद आ रही थी। तभी इस गीत के बारे में सोचते हुए उन्होंने ओ हीर मेरी.. और ओ माई मेरी वाले अंतरे लिख डाले। मुझे लगता है कि यूँ तो पूरा गीत ही लाजवाब है पर ये पंक्तियाँ  मैं मरता था जिस मुखड़े पे कभी उसका उजाला कम ना हो और तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं और चाँद हमेशा रहता है.. ऐसी हैं जो किसी को भी भावुक कर दें । मनोज ने इस गीत से ये दिखा दिया है कि सहज से सहज शब्दों कर के भी भावों में गहराई लाई जा सकती है।

अर्को प्रावो मुखर्जी व मनोज मुंतशिर
अर्को प्रावो मुखर्जी एक कमाल के संगीतकार हैं। इसके पहले भी वो दिलदारा, नज़्म नज़्म, तेरे संग यारा, अल्लाह वारियाँ जैसे गीतों से श्रोताओं और मेरा मन मोह चुके हैं। डॉक्टरी छोड़ कैसे वो संगीत की दुनिया में आए इसका जिक्र में पहले यहाँ कर ही चुका हूँ। अर्को संगीतकार तो हैं ही साथ ही गायिकी और गीत लिखने का माद्दा भी रखते हैं। मैं हमेशा उनकी मेलोडी पर अच्छी पकड़ से प्रभावित रहा हूँ। अर्को का अक्षय कुमार की फिल्मों से पुराना नाता रहा है। अर्को को ये जिम्मेदारी अक्षय कुमार ने सौंपते हुए कहा था कि अक्सर हम आपको रोमांटिक गीतों के लिए बुलाते हैं पर इस बार आपको देशप्रेम से जुड़ी धुन बनानी है। अब तो सारी दुनिया जानती है कि अर्को इस परीक्षा में अव्वल साबित हुए। अर्को की धुन और मनोज के शब्दों की यही ताकत है कि तेरी मिट्टी का कोई भी वर्सन सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 

तलवारों पे सर वार दिए, अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जा के कहीं हमने सर पे, ये केसरी रंग सजाया है
ऐ मेरी ज़मीं अफसोस नहीं, जो तेरे लिए सौ दर्द सहे
महफूज़ रहे तेरी आन सदा, चाहे जान ये मेरी रहे न रहे

ऐ मेरी ज़मीं महबूब मेरी, मेरी नस नस में तेरा इश्क़ बहे
फीका ना पड़े कभी रंग तेरा, जिस्म से निकल के खून कहे

तेरी मिट्टी में मिल जावाँ, गुल बनके मैं खिल जावाँ
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावाँ, तेरे खेतों में लहरावाँ
इतनी सी है दिल की आरजू, वो ओ..

सरसों से भरे खलिहान मेरे, जहाँ झूम के भांगड़ा पा न सका
आबाद रहे वो गाँव मेरा, जहाँ लौट के वापस जा न सका
ओ वतना वे मेरे वतना वे, तेरा मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे, मैं कितना नसीबों वाला था
तेरी मिट्टी ... आरजू

ओ हीर मेरी तू हँसती रहे, तेरी आँख घड़ी भर नम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पे, कभी उसका उजाला कम ना हो
ओ माई मेरे क्या फिकर तुझे, क्यूँ आँख से दरिया बहता है
तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं, और चाँद हमेशा रहता है
तेरी मिट्टी ... आरजू

गीतकार संगीतकार का चुनाव तो हो गया था पर इस गीत को एक बुलंद आवाज़ की जरूरत थी जो बेहद ऊँचे और अचानक से नीचे जाते सुरों को सँभाल सके। इस काम को अंजाम दिया धर्मा प्रोडक्शन के अज़ीम दयानी ने। पंजाब फिल्म उद्योग में बी प्राक के एक ऐसे संगीतकार और गायक के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने पंजाबी गीतों में  रैप और पार्टी नंबर्स के बीच मेलोडी को वापस लाने की सफल कोशिश की है। 

अज़ीम ने उनसे संपर्क कर गीत रिकार्ड कर भेजने को कहा। फिर बात आई गयी हो गयी। बी प्राक जब  अपने किसी कार्यक्रम में दुबई में थे तो अज़ीम का फोन आया और फिर पंजाबी में किसी व्यक्ति की आवाज़ आयी कि तुमने क्या कमाल गाया है। प्राक ने फोन करने वाले को धन्यवाद कहा और फिर पूछा कि आप बोल कौन रहे हो? प्राक को तब झटका लगा जब पता चला कि लाइन पर अक्षय कुमार हैं। 

अक्षय के पिता एक सैनिक थे और वो इस गीत को अपनी फिल्मों का सबसे शानदार गीत बताते नहीं थकते। 

बी प्राक व आदित्य देव
बी प्राक एक स्वाभाविक गायक हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अब तक जो भी सीखा है वो लोगों को सुन सुन कर ही सीखा है। इतने कम समय में उनकी गायिकी को लोगों ने हाथों हाथ लिया है और उनका सिंगल फिलहाल  इस वक़्त लोकप्रियता के सारे कीर्तिमान तोड़ने में लगा है।

गीत में संगीत निर्माण की कमान सँभाली है एक बार फिर आदित्य देव ने। गीत के अंतरे और अंत में तार वाद्यों की जो कमाल सी धुन बजती है उसका संचालन भी आदित्य ने ही किया था।  तार वाद्यों पर बजती गीत की धुन तक पहुँचते पहुँचते मन देश के इन वीर जवानों के लिए श्रद्धा से नत हो जाता है। ऐसे गीत इस साल क्या दशकों तक भी सुने जाएँ तो मन को इन कुर्बानियों के प्रति हमेशा नतमस्तक करते रहेंगे। एक शाम मेरे नाम की तरफ से अर्को, मनोज, बी प्राक, आदित्य की इस टीम को ढेर सारी बधाईतो आइए सुनते हैं बी प्राक की आवाज़  में  इस गीत को जिसे बाद में परिणिति चोपड़ा से भी गवाया गया।


साल के बेहतरीन नग्मों की ये संगीत यात्रा तो यहीं समाप्त हुई। वार्षिक संगीतमाला की अगली और आखिरी कड़ी में बात होगी पिछले साल के गायिकी, बोल, संगीत की दृष्टि से शानदार काम दिखाने वाले एक शाम मेरे नाम के संगीत सितारों की।

वार्षिक संगीतमाला 2019 
01. तेरी मिट्टी Teri Mitti
02. कलंक नहीं, इश्क़ है काजल पिया 
03. रुआँ रुआँ, रौशन हुआ Ruan Ruan
04. तेरा साथ हो   Tera Saath Ho
05. मर्द  मराठा Mard Maratha
06. मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए  Bharat 
07. आज जागे रहना, ये रात सोने को है  Aaj Jage Rahna
08. तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र  Zikra
09. दिल रोई जाए, रोई जाए, रोई जाए  Dil Royi Jaye
10. कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ  Shaabaashiyaan
11 . छोटी छोटी गल दा बुरा न मनाया कर Choti Choti Gal
12. ओ राजा जी, नैना चुगलखोर राजा जी  Rajaji
13. मंज़र है ये नया Manzar Hai Ye Naya 
14. ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda
15.  मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve
16. ऐरा गैरा नत्थू खैरा  Aira Gaira
17. ये आईना है या तू है Ye aaina
18. घर मोरे परदेसिया  Ghar More Pardesiya
19. बेईमानी  से.. 
20. तू इतना ज़रूरी कैसे हुआ? Kaise Hua
21. तेरा बन जाऊँगा Tera Ban Jaunga
22. ये जो हो रहा है Ye Jo Ho Raha Hai
23. चलूँ मैं वहाँ, जहाँ तू चला Jahaan Tu chala 
24.रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta 
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21 comments:

Manish on February 08, 2020 said...

जाने कितनी बार इस गीत को सुना है। अभी भी गीत सुनकर ही प्रतिक्रिया दे रहा हूँ। तलवारों पे सर वार दिए.. बी प्राक की आवाज़ में पहली लाइन जैसे ही शुरू हुई, कलेजा धक् से हुआ, धड़कन बढ़ गयी, रोंगटे खड़े होने लगे! मनोज मुंतशिर मेरे प्रिय गीतकारों में शुमार हो चुके हैं! सिनेमा हॉल से भी भावुक होकर निकले थे। सही मायनों में सरताज का हक़दार गीत।🙂👏♥️ इस साल सबसे ज्यादा फ़िल्में अक्षय कुमार की आईं हैं, इनमें सबसे अच्छी मुझे तो केसरी ही लगी!!☺️ मैं इसे शेयर करना चाहता हूँ!!🙏

Manish Kumar on February 08, 2020 said...

तुम्हारी भावनाएँ मेरी भावनाओं का आईना हैं। ये गीत एकदम से मूड बदल कर देता हैं। रोंगटे खड़ी करने वाली बात मैंने लिखी ही है। बी प्राक ने अपने अंदर एक सैनिक बसा लिया हो मानो इस गीत को गाते हुए। शेयर करने के लिए पूछने की क्या जरूरत है? :)

Sumit on February 09, 2020 said...

आपने सही लिखा है कई दशकों तक चलने वाला देशभक्ति गीत है ये. शायद पिछले कई दशकों में अपनी
जॉनर का सर्वश्रेष्ठ. सबसे दमदार आवाज़, अदायगी और उतने ही दमदार बोल. सच कहूँ तो मैं टीवी पे ये फ़िल्म पूरी देख नही पाया इतनी बुरी थी शायद इस फ़िल्म की पॉलिटिक्स. देशभक्ति का नरेटिव आज कल फिल्मो में ऐसा अजीब सा बनावटी और इतना ज्यादा ओवर द टॉप हो गया है की देशभक्ति वाले गाने भी नही छू रहे थे दिल को. लेक़िन इस गाने की बात कुछ और है. सर्वश्रेष्ठ!

Arvind Mishra on February 09, 2020 said...

इस गीत के अलावा कोई और सरताज गीत हो ही नहीं सकता था। जब ये गीत रिलीज किया गया उन दिनों काम की मसरूफित की वजह से सुन ना सका। पर पहली फुरसत में जो सुना तो रिपीट मोड़ पर सुनता चला गया। और रही बात 25गीतों की लिस्ट बनाने में ये ही वो इकलौता गीत था जो लिस्ट में सबसे पहले add किया गया।
वैसे एक छोटी सी जानकारी देना चाहता हूं इस फिल्म के संदर्भ में, की इस की शूट हमारे श्रीगंगानगर के गावों में हुई थी। इसी वजह से इज गीत से और फिल्म से इक जुड़ाव सा है।

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

सुमित ये गाना तो पहली बार सुनकर ही भावुक हो गया था और उसी समय मैं मनोज को संदेश भी दिया था कि ये आपने जबरदस्त लिखा तब नहीं सोचा था कि ये मेरा साल का सरताज गीत ही बन जाएगा। इस गीत को सुनने के बाद मैंने इसके पीछे का इतिहास खँगाला और फिर इस गीत के लिए फिल्म भी देखी। अर्को, मनोज और बी प्राक की मेहनत और फिर कमाल का फिल्मांकन इस गीत को हमेशा हमारे हृदय में बसा कर रखेगा।

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

अरविंद अच्छा गाँव की शूटिंग जगजीत जी के इलाके में हुई है। मेरा भी इस गीत के परिदृश्य से हाल फिलहाल का नाता था।
इस गीत में किले और आस पास के दृश्य स्पीति में शूट किए गए हैं जहाँ मैं साल भर पहले ही घूम कर आया था। मुझे भी इसे शीर्ष पर बैठाने में रंच मात्र भी हिचक नहीं हुई। ये बाकी गीतों से हर लिहाज़ में कहीं आगेथा।

Swati Gupta on February 09, 2020 said...

सैनिक के भाव तो आपने बता दिये पर नायिका का क्या... वो भी तो नायक से के रही है "तेरी हीर तो धरती है रांझे"... ऐसी भावनाओ को भी तो सलामी मिलनी चाहिए
दोनों ही version प्यारे है.. ऐसे गीत बनते रहने चाहिए

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

सही कहा आपने स्वाति। परिणिति के गाए गीत की विवेचना करता तो उस पक्ष के बारे में भी लिखता।

Saurabh Arya on February 09, 2020 said...

बहुत ख़ूब. उम्मीद के अनुसार चयन और सटीक चयन।

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

धन्यवाद सौरभ !

Devendra Kothari on February 09, 2020 said...

वाह... बहुत खूब !

Dr Sagar on February 09, 2020 said...

मेरा भी फेवरिट गीत

Smita Jaichandran on February 09, 2020 said...

अब हम क्या कहें, हमारी पसंद आपका सरताज गीत है।

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

देवेंद्र, सागर और स्मिता जी ये गीत आप सब की भी पसंद है जानकर खुशी हुई।

Pratima Sharan on February 09, 2020 said...

Mera bhi fev geet h ye♥️

Manish Kumar on February 09, 2020 said...

हां प्रतिमा, तुम्हारे शुरू के चार गीतों में तीन मेरी पसंद का भी हिस्सा बने।😊

Annapurna Gayhee on February 09, 2020 said...

मुझे भी यह गीत बहुत पसंद है

विकास नैनवाल 'अंजान' on February 10, 2020 said...

बहुत खूब, मनीष जी। गीत वाकई बहुत अच्छा बन पड़ा है। संगीत माला का यह सफर रोचक था। अगली पोस्ट का इंजतार है।

Akshay Bhardawj on February 13, 2020 said...

One of my favorite song.

Himanshu Tiwari on February 13, 2020 said...

Jab aap 22-23 songs par the, tab Maine comment Kiya tha ki agar Teri Mitti top par Nahi hua to Dil toot jayega.
I was right 😊😊

Manish Kumar on February 13, 2020 said...

अक्षय, अन्नपूर्णा आपका भी ये गीत पसंदीदा है जानकर अच्छा लगा।

हिमांशु मुझे याद है आपकी बात पर तब मैं ये राज नहीं खोल सकता था

विकास एक शाम मेरे नाम के संगीत सितारों का ऐलान हो चुका है। ईस यात्रा में सहभागी होने के लिए धन्यवाद।

 

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