Saturday, December 28, 2019

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 30 : बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना Tum Hi Aana

साल के शानदार गीतों की फेरहिस्त में आज वो गीत जिससे पिछले गीत के उलट आप सब वाकिफ होंगे। जी हाँ ये गीत है फिल्म मरजावाँ बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना। हाँ जो बात आपको नहीं पता होगी वो ये कि इस मधुर गीत की संगीतकार पायल देव हैं जिनका मेरे शहर राँची से बेहद करीब का नाता रहा है। झारखंड के रामगढ़ से ताल्लुक रखने वाली पायल की पढ़ाई लिखाई राँची से हुई। पायल की गायिकी से मेरा परिचय उनके बाजीराव मस्तानी में गाए गीत अब तोहे जाने ना दूँगी से हुआ। बतौर संगीतकार इस साल उन्हें एक नई पारी शुरु करते देख मुझे बेहद खुशी हुई। जानना नहीं चाहेंगे कि ये गीत कैसे बना? :)


पायल ने गीत की धुन चार साल पहले ही बनाई थी और उसे उन्होंने अपनी आवाज़ में  रिकार्ड भी कर रखा था। ज़ुबीन और कुणाल से साथ संगीत की एक बैठक में काम किसी दूसरे गीत पर चल रहा था कि अचानक पायल ने अपनी धुन गुनगुनाई। धुन ज़ुबीन और गीतकार कुणाल वर्मा  को इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने उस पर तुरंत काम करना शुरु कर दिया। मिनटों में गीत लिख भी लिया गया और घने भर में ये बन कर तैयार भी हो गया। 

प्रेम या विरह गीतों के साथ सहूलियत ये होती है कि आप उन्हें बड़े मजे से किसी फिल्म की कहानी में जोड़ सकते हैं। मरजावाँ के इस गीत के साथ भी यही हुआ यानी गीत पहले बना और कहानी पीछे से आई। 

जुबीन एक बेहतरीन आवाज़ के मालिक हैं और उन्होंने इस गीत को भी पूरे दिल से निभाया है। मुखड़े में बजती पियानिका और अंतरों के बीच बाँसुरी और सारंगी की धुन भी मधुर है। संगीत निर्माण में आदित्य देव का काम बेहतरीन है। गीत का मुखड़ा मुझे जावेद अख्तर साहब की उस ग़ज़ल की याद दिला देता है जिसमें उन्होंने लिखा था

अबकि बार आना तो जाने के लिए मत आना
सिर्फ अहसान जताने के लिए मत आना

उनके कहे में शिकायत थी और वहीं कुणाल के लिखे में एक कातर सा अनुरोध

बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना
इरादे फिर से जाने के नहीं लाना, तुम ही आना

तो आइए सुनते हैं ये गाना जिसे फिल्म में निभाया है सिद्धार्थ मल्होत्रा और तारा सुतारिया की जोड़ी ने 

तेरे जाने का ग़म और ना आने का ग़म
फिर ज़माने का ग़म क्या करें?
राह देखे नज़र, रात भर जाग कर
पर तेरी तो ख़बर ना मिले
बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना
इरादे फिर से जाने के नहीं लाना, तुम ही आना
मेरी दहलीज़ से होकर बहारें जब गुज़रती हैं
यहाँ क्या धूप , क्या सावन, हवाएँ भी बरसती हैं
हमें पूछो क्या होता है, बिना दिल के जिए जाना
बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना
कोई तो राह वो होगी, जो मेरे घर को आती है
करो पीछा सदाओं का, सुनो, क्या कहना चाहती है?
तुम आओगे मुझे मिलने, ख़बर ये भी तुम ही लाना
बहुत आई-गई यादें, मगर इस बार तुम ही आना

 

चिट्ठिये, एक मलाल और तुम ही आना के बाद कल बारी एक ऐसे गीत की जो शायद आपके लिए अनसुना ही होगा। तो आज के लिए यहीं इजाज़त। कल फिर मिलेंगे संगीतमाला एक ऐसे गीत से जो मेरी पसंदीदा सूची में 26 से 30 के बीच मँडराता रहा। :)

वार्षिक संगीतमाला में अब तक

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13 comments:

Pratima Sharan on December 28, 2019 said...

बहुत अच्छा गीत है

Manish Kumar on December 28, 2019 said...

हाँ हाँ जो गीत आपकी लिस्ट में होगा वो तो आपके लिए अच्छा होगा ही :)

Manish on December 28, 2019 said...

ये गीत मेरी लिस्ट में भी था, पर 25 में नही आ सका। इसके पोएट्री बहुत खूबसूरत है।

Manish Kumar on December 28, 2019 said...

Manish तुम्हारी छोड़कर ये सब की पसंद का हिस्सा था। :)

अंकित भदानी on December 28, 2019 said...

एक बेहतरीन पंक्तियों के साथ एक बेहतरीन गीत❤️❤️

Manish Kumar on December 28, 2019 said...

अंकित मुखड़ा तो तुरंत ध्यान खींचता है। धुन भी प्यारी है

अंकित भदानी on December 28, 2019 said...

हाँ सर बिल्कुल ध्यान आकर्षित करने वाला है।😍😍

Kanchan Singh Chouhan on December 28, 2019 said...

कितना प्यारा गीत था लेकिन इसे इतनी नीचे ला कर कितना कष्ट दिया है आपने ?

Manish Kumar on December 28, 2019 said...

Kanchan ऊपर नीचे की बात छोड़िए। आपसे तो पसंद ही मिल जाए वही बहुत है। पिछला गीत बाकी सबको भाया सिवाए आपके :p

Swati Gupta on December 29, 2019 said...

गाने के बोल अच्छे है इसे बार बार सुना जा सकता है

Manish Kumar on December 29, 2019 said...

Swati बोलों की दृष्टि से मुखड़ा मुझे भी अच्छा लगा।

Sumit on December 30, 2019 said...

Nice song. Jubin has an impressive voice. Great potential. Good to know about Payal.

Manish Kumar on December 30, 2019 said...

सुमित, जुबीन को आगे बढ़ने के लिए अच्छी आवाज़ के साथ साथ हल्के रूमानी गीतों से आगे निकलना होगा। सुना है उन्होंने इस दिशा में काम करना भी शुरु कर दिया है।

 

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