Monday, January 20, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 15 : ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda

अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि आजकल के गीतों में पुराने गीतों सी ना मिठास है और ना ही उनके शब्दों में भावनाओं का आवेग झलकता है। वार्षिक संगीतमाला की चौदहवीं पायदान पर फिल्म 72 hours का ये गीत आप की इन दोनों शिकायतों को दूर करेगा ऐसा मुझे विश्वास है। 

इस गीत की मधुरता आप तक पहुँचेगी श्रेया घोषाल  की आवाज़ में और गीत के बेहद प्यारे बोलों को लिखने वाली हैं सीमा सैनी। भारत चीन युद्ध के अमर शहीद राइफल मैन जसवंत सिंह रावत पर बनाई गयी फिल्म ठीक एक साल पहले जनवरी 2019 में रिलीज़ हुई थी। फिल्म तो बॉक्स आफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई पर फिल्म के लिए बने गीतों में से एक गीत ओ रे चंदा जरूर अपनी पहचान छोड़ गया।


सीमा सैनी कितनी प्रतिभाशाली  कवयित्री है ये मुझे पहली बार वर्ष 2011 में उनके फिल्म लंका के लिए लिखे गीत शीत लहर को सुन कर लग गया था। तब उन्होंने एक दबंग नेता द्वारा अपहृत लड़की की वेदना को कुछ इन शब्दों में व्यक्त किया था

शीत लहर है, भीगे से पर हैं... थोड़ी सी धूप माँगी है
आँखो भर है नीला गगन और...ठहरा हुआ कुछ पानी है..."

उसी गीत में उन्होंने आगे लिखा था

तिनका तिनका रात उधेड़ो, दिन आज़ाद है कह दो ना
भीतर भीतर कितनी उमस है, थोड़ी साँसें दे दो ना

सीमा किस तरह सिविल इंजीनियरिंग के पेशे से निकल कर मायावी मुंबई में अपनी किस्मत आजमाने पहुँची ये दास्तान तो पहले यहाँ लिखी थी। सीमा ने पिछले आठ सालों में गीत लिखने के साथ साथ वेब सिरीज और मास्टर शेफ की मास्टर क्लास जैसे शोज़ के लेखन का काम भी सँभाला है। आगे उनका अपने लिखे गानों को संगीत देने का इरादा है। जब भी वो कोई गीत लिखती हैं तो मन ही मन में उसका मीटर भी बन रहा होता है। उनका मानना है कि उन्हें अपने अंदर के संगीतकार को भी बाहर निकलने का मौका देना चाहिए। देखते हैं मेरे जैसे श्रोताओं को उनका संगीतबद्ध गीत कब तक सुनने को मिलता है?

सीमा की ये झोली में ये गीत तब गिरा जब एक मित्र ने उनकी मुलाकात संजय बोस से करवाई। संजय इस फिल्म के लिए एक काव्यात्मक गीत की तलाश में थे। उन्होंने सीमा का लिखा शीत लहर सुना था इसलिए बात जल्दी ही बन गयी।  
श्रेया घोषाल व सीमा सैनी
शीत लहर के  गीत में एक गहरी पीड़ा थी पर 72 hours के इस गीत में एक मीठी सी उलाहना है। फौजी की प्रेमिका के पास शिकायत करने के आलावा चारा ही क्या है। प्रियतम हैं कि देश की सेवा में सरहद पर जाकर बैठे हैं।  ये भी तो पता नहीं है कि किस हाल में हैं?  ना कोई संदेश ना कोई खबर ही। पर नायिका शिकायत करे तो किससे? 

अब ये सीमा की लेखनी का कमाल है कि इस गीत में उन्होंने चाँद को अभियुक्त बना कर कटघरे में खड़ा कर दिया। वैसे मजरूह साहब ने चाँद फिर निकला, मगर तुम ना आए  लिखते हुए चाँद से प्रियतम की याद को जरूर जोड़ा था पर सीमा ने तो एक कदम आगे बढ़कर उसे बेईमान ही बता दिया। बेईमान यूँ कि इधर नायिका की आँखें प्रियतम की बाट जोह रही हैं और ये मुआ चंद्रमा उसके प्रेमी पर नज़र रखते हुए भी उधर की खबर इधर नहीं पहुँचा रहा। उसके इंतज़ार की पीड़ा जब सुबह ओस रूपी आँसू बन कर निकलती है तो उसमें भी चंद्रमा का मुस्कुराता प्रतिबिंब उसे कचोटता रहता है। इसीलिए सीमा लिखती हैं... 

ओ रे चंदा बेईमान रे..ओ रे चंदा बेईमान रे
ऐ सुबह तू संदेशा देना, हम अधूरे हैं उनसे कहना
ना साँस आए ना राम रे, ओ रे चंदा बेईमान रे

तरसे जिसको मोरे नैन चंदा, तू दिखे उसे सारी रैन चंदा
मैं जल जाऊँ तुझसे ओ चंदा, हाय लगाऊँ तुझपे ओ चंदा

एहसास तेरा ले के आए, छू के तुझे आए हवाएँ
सुबह बूँद बन के पलकों पे आई, तू ओस में मुस्कुराए
ओ रे चंदा बेईमान बेईमान बेईमान


शीत लहर के गीत की तरह ही इस गीत को भी श्रेया ने गाया है और क्या गजब गाया है। सीमा का शिकायती लहजा उनकी आवाज़ में जीवंत हो उठा है। गीत की धुन संजय बोस ने बनाई जो श्रेया के हिस्से तक अत्यंत मधुर लगती है।  नायक के मनोभावों को व्यक्त करता गीत का अंतिम हिस्सा खुद संजय बोस ने गाया है।

ना मुलाकात, ना तुझसे कोई बात है
मैं जानता हूँ इन दिनो जो तेरे मेरे हालात हैं
एक सपना आँखों में दस्तक दे रहा
फिर मिले वो वादियाँ और तू साथ है
फिर मिलेंगे हम फिर गिरेगी बर्फ


इस गीत से जुड़ी बातें शेयर करने के लिए सीमा ने एक शाम मेरे नाम के लिए वक़्त निकाला उसके लिए मैं उनका हार्दिक आभारी हूँ।

वार्षिक संगीतमाला 2019 
01. तेरी मिट्टी Teri Mitti
02. कलंक नहीं, इश्क़ है काजल पिया 
03. रुआँ रुआँ, रौशन हुआ Ruan Ruan
04. तेरा साथ हो   Tera Saath Ho
05. मर्द  मराठा Mard Maratha
06. मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए  Bharat 
07. आज जागे रहना, ये रात सोने को है  Aaj Jage Rahna
08. तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र  Zikra
09. दिल रोई जाए, रोई जाए, रोई जाए  Dil Royi Jaye
10. कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ  Shaabaashiyaan
11 . छोटी छोटी गल दा बुरा न मनाया कर Choti Choti Gal
12. ओ राजा जी, नैना चुगलखोर राजा जी  Rajaji
13. मंज़र है ये नया Manzar Hai Ye Naya 
14. ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda
15.  मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve
16. ऐरा गैरा नत्थू खैरा  Aira Gaira
17. ये आईना है या तू है Ye aaina
18. घर मोरे परदेसिया  Ghar More Pardesiya
19. बेईमानी  से.. 
20. तू इतना ज़रूरी कैसे हुआ? Kaise Hua
21. तेरा बन जाऊँगा Tera Ban Jaunga
22. ये जो हो रहा है Ye Jo Ho Raha Hai
23. चलूँ मैं वहाँ, जहाँ तू चला Jahaan Tu chala 
24.रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta 
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11 comments:

Arvind Mishra on January 21, 2020 said...

लो जी हमारी पसंद का एक और नगीना निकला आपकी पिटारी से।
पर मुझे शिकायत है पोस्ट अपडेट करने में देर कर देते हो आप।

Manish Kumar on January 21, 2020 said...

अगर सिर्फ गाने ही पोस्ट करने होते तो पूरी गीतमाला एक ही दिन में खत्म हो जाती। समय तो आगे भी लगेगा ही इसलिए आपकी शिकायत दूर नहीं कर पाऊँगा।

ये गीत भी सिर्फ आपकी फेरहिस्त में था। उसके लिए बधाई। आगे की राह आपके लिए कठिन होगी पर अपना पता मुझे मेसेज कर दें। :)

सागर नाहर on January 21, 2020 said...

एक और सुंदर और कर्णप्रिय गीत। शानदार पोस्ट।
धन्यवाद।
❤️

Manish Kumar on January 21, 2020 said...

सागर भाई :पुराने गीतों के शौकीन श्रोता से ऐसी तारीफ मायने रखती है। शुक्रिया ! :)

Swati Gupta on January 21, 2020 said...

बहुत ही प्यारा गीत... श्रेया घोषाल ने कमाल का गाया है

Manish Kumar on January 21, 2020 said...

Swati बिल्कुल सीमा के काव्यात्मक बोलों को श्रेया ने अपनी गायिकी से जीवंत कर दिया है।

Swati Gupta on January 21, 2020 said...

जी, गीत के बोल बहुत ही प्यारे है...

Sumit on January 23, 2020 said...

बहुत प्यारा गीत. श्रेया कितना अच्छा गाती हैं. अफ़सोस उनका इस्तेमाल कम हो रहा है आज कल. सीमा जी को बधाई. संगीत अच्छा है. पर संजय खुद ना गाते तो बेहतर रहता.

Jaishree Khamesra on January 24, 2020 said...

जैसा आप जानते ही हैं, मैंने ये पहली बार सुना। साल भर न सुनने का कोई गम नहीं, जब आपकी लिस्ट मिल जाती है। सारे गाने अगले कुछ महीनो तक कुछ कम , कुछ बहुत बार लूप लगा के सुने जायेंगे।

Manish Kumar on January 24, 2020 said...

Jaishree ये गीत आपको पसंद आया जान कर खुशी हुई। :)

Manish Kumar on January 24, 2020 said...

Sumit आज कल इतने सारे गायकों की भीड़ में श्रेया के तीन एकल गीत इस संगीतमाला में शामिल हुए जो ये दिखाता है कि गायिकाओं में उनका वर्चस्व बरक़रार है। साल भर के गीतों में इस बार सुनिधि जरूर बिल्कुल कम सुनाई दीं।

 

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