Friday, January 03, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 25 : रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta

रामसे ब्रदर्स के जाने के बाद हॉरर फिल्मों की सालाना खुराक देने का काम  पिछले एक दशक से विक्रम भट्ट बखूबी सँभाल रहे हैं। अब उनकी फिल्में कितनी डरावनी होती हैं ये तो मैं नहीं जानता पर उनकी फिल्मों का संगीत बाजार के शोर गुल से अलग एक सुकून देने वाला अवश्य होता है। 

इस साल अक्टूबर में फिल्म आई Ghost। घोस्ट का जो गीत आज इस संगीतमाला में दाखिल हो रहा है उसे सँवारा है एक महिला संगीतकार ने जो कि एक गायिका भी हैं पर उन्होंने खुद ये गाना नही् गाया बल्कि गवाया है एक ऐसे संगीतकार से जिनके नाम की तूती इस साल के फिल्म संगीत में गूँज रही है। पिछले साल की संगीतमाला में मैंने आपको दो महिला संगीतकारों से मिलवाया था। पहली तो रचिता अरोड़ा जिन्होने "मुक्केबाज" के संगीत से सबका दिल जीत लिया था और दूसरी जसलीन रायल जिनकी "हिचकी" को आजतक हम भूले नहीं हैं।

ये नयी संगीतकार हैं देहरादून से ताल्लुक रखने वाली सोनल प्रधान। शास्त्रीय संगीत में प्रभाकर की डिग्री हासिल करने के बाद सोनल का इरादा तो मुंबई जाकर गायिकी में नाम रोशन करना था पर पहाड़ों की आबो हवा को छोड़ मुंबई नगरी के प्रदूषण ने उनके गले को ऐसा गिरफ्त में लिया कि डॉक्टर ने उन्हें एक साल के लिए गाना बिल्कुल बंद करने की ताकीद दे डाली।  संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना लिए आई किसी भी लड़की के लिए ये मानसिक आघात से कम नहीं था। हताशा निराशा के दौर से गुजर रही सोनल को उनकी माँ ने ढाढस बँधाया और कहा कि अगर तुम कुछ दिनों के लिए गा नहीं सकती तो क्या हुआ, संगीत से जुड़ा दूसरा काम तो कर सकती हो। फिर तो सोनल ने अगले एक डेढ़ साल में कई गीत लिखे, उनकी धुनें बनाई और जब एक अच्छा खासा संग्रह यानी सांग बैंक बन गया तो उन्होंने फिल्म उद्योग में काम माँगना शुरु किया। उन्हें पहला मौका विक्रम भट्ट ने अपनी वेब सिरीज़ में दिया। 

सोनल प्रधान
आजकल संगीत की जितनी बड़ी कंपनियाँ हैं उनके पास अगर कोई अच्छा गाना लेकर आता है तो वो उसे अपने संग्रह के लिए आरक्षित कर लेती हैं। सोनल के रचे इस  गीत का खाका ज़ी म्यूजिक के आला अधिकारी अनुराग बेदी को पसंद आ गया और वहाँ से होता हुआ तीन महीने बाद फिल्म घोस्ट (Ghost) के लिए चुन लिया गया। 

इस गाने के दो वर्सन बने। एक को तो यासिर देसाई ने गाया जबकी दूसरे की आवाज़ बने संगीतकार अर्को प्रावो मुखर्जी। अर्को वैसे अपने संगीतबद्ध गीत गाते ही रहे हैं पर ये गीत जब उन्होंने सुना तो कहा कि अरे इस गीत को तौ मैं ख़ुद ही गाना चाहूँगा। फिल्म में अर्को के वर्सन का इस्तेमाल हुआ हैं और मुझे भी वो ज्यादा जँचा।

फिल्म मरजावाँ के गीत "तुम ही आना" की तरह आदित्य देव ने इस गीत में  एक बार फिर संगीत की व्यवस्था सँभाली है। मुखड़े के पहले का पियानो हो या अंतरों के बीच संगीत का टुकड़ा दोनों ही सुनने में बेहद मधुर  लगता है। जैसे ही अर्को रुह का रिश्ता ये जुड़ गया से मुखड़े का टुकड़ा शुरु करते हैं गीत से  श्रोताओं के तार जुड़ने लगते हैं। सोनल की लेखन प्रतिभा भी प्रभावित करती है जब वो लिखती हैं.. बहता हूँ तुझमें मैं भी...ना छुपा खुद से ही...महकूँ खुशबू से जिसकी...बन वो कस्तूरी।

सोनल चाहती हैं कि इस कठिन प्रतिस्पर्धा के युग में भी संगीत उद्योग में बतौर गायिका अपनी जगह बनाएँ और उन्हें अपने संगीत निर्देशन में बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिले। एक शाम मेरे नाम की तरफ से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ। उन्होंने इस गीत से जुड़ी बातचीत के लिए अपना समय निकाला उसके लिए मैं उनका आभारी हूँ। तो आइए अब सुनते हैं घोस्ट फिल्म का ये गीत 

अनकही है जो बातें, कहनी है तुमसे ही
क्यूँ ये नज़रें मेरी, ठहरी हैं तुमपे ही
रूह का रिश्ता ये जुड़ गया
जहाँ तू मुड़ा मैं भी मुड़ गया
रास्ता भी तू है मंज़िल भी तू ही
हाँ तेरी ही ज़रूरत है मुझे
यह कैसे समझाऊँ मैं तुझे
माँगता हूँ तुझे यार तुझसे ही 

बेचैनियाँ अब बढ़ने लगी है
सब्र रहा ना, बेसब्री है
आँच थोड़ी साँसों को दे दे
मुश्क़िल में ये जान मेरी है

बहता हूँ तुझमें मैं भी
ना छुपा खुद से ही
महकूँ खुशबू से जिसकी
बन वो कस्तूरी
रूह का रिश्ता ये जुड़ गया...

जब से मिला हूँ तुझसे
बस ना रहा है खुद पे
बोलती आँखों ने जादू कर दिया
बख़्श दे मुझे ख़ुदारा
मैने जब उसे पुकारा
हो गयी ख़ता तेरा नाम ले लिया

साथ हो जो उम्र भर
वो खुशी बन मेरी
हर कमी मंज़ूर है
बिन तेरे जीना नहीं
रूह का रिश्ता ये जुड़ गया...

 

अगर आप पूरा गीत सुनना चाहें gaana.com पर यहाँ सुन सकते हैं

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4 comments:

सागर नाहर on January 03, 2020 said...

आवाज तो ठीकठाक है लेकिन संगीत कर्णप्रिय है।
बढ़िया पोस्ट।

Smita Jaichandran on January 03, 2020 said...

Sach kaha aapne...yeh fillum toh Bilkul radar mein aaya hi nahin. Aajkal ke geeton ki dhun kuch khaas prabhavit nahi karti humein, bol zaroor acche ban pade Hain!

Manish Kumar on January 03, 2020 said...

Sagar Bhai इस गीत के गायक अर्को मूलतः संगीतकार हैं पर ठीकठाक गा और लिख लेते हैं। इस साल की चर्चित फिल्म केसरी का संगीत उन्होंने ही दिया है। संगीत आपको रुचिकर लगा जानकर अच्छा लगा।

Manish Kumar on January 03, 2020 said...

Smita jee पूरे साल में सौ से ज्यादा फिल्में बनती हैं और सबका प्रमोशन एक जैसा नहीं होता। फिर उन फिल्मों के भी कुछ ही गीत दिखाए जाते हैं। मेरी संगीतमाला के प्रथम पाँच गीतों तक आपको ऐसी फीलिंग आती रहेगी

बोल भी सोनल ने ही लिखे हैं। हिंदी फिल्म जगत का ये उनका पहला गीत है और उनकी प्रतिभा आगे और निखरेगी ऐसी आशा है।

 

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