Tuesday, February 04, 2020

वार्षिक संगीतमाला 2019 Top 10 : तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र Zikra

हर साल बॉलीवुड में जितनी फिल्में बनती हैं उसमें एक छोटा सा हिस्सा डरावनी यानी भुतहा फिल्मों का रहता है। ऐसी फिल्में ज्यादा बजट की होती नहीं हैं। कलाकार भी ज्यादातर नए ही होते हैं। हर तीन चार फिल्मों में ऐसी एक दो फिल्में हिट भी हो जाती हैं। राज़ को ही देख लीजिए उसकी सफलता ने ऐसी फिल्मों का सालाना चलन तो बढ़ा ही दिया, साथ ही बिपाशा बसु जैसे कलाकारों का कैरियर भी चमका दिया।

अब ये फिल्में चाहे जैसी भी रहें इनका संगीत औसत से बेहतर रहता है। इसके लिए संगीत कंपनियाँ सीधा सा फार्मूला लगाती हैं। वो किसी एक कंपोज़र को इन फिल्मों के लिए अनुबंधित नहीं करती बल्कि अपने रिजर्व बैंक से अलग अलग संगीतकारों से लिए नगीने निकाल निकाल कर फिल्म की स्क्रिप्ट में फिट करती रहती हैं। यही वजह है कि ऐसी फिल्मों में तीन से चार संगीतकार भी दिखाई दे जाते हैं।


संगीतकार और गीतकार जब ऐसे गाने बनाते हैं तो उन्हें पता भी नहीं होता कि उनके गाने पारिवारिक, एक्शन या हॉरर फिल्मों में जाएँगे। बिना कहानी जाने जब गाने फिट करने हों तो अक्सर उनका ताना बाना रूमानियत के इर्द गिर्द ही बुना जाता है। 

इस संगीतमाला में फिल्म घोस्ट के जो दो गाने थे वे इसी प्रकृति के थे और आज गीतमाला की इस पायदान पर जो गीत जगह बना रहा है वो भटकती आत्माओं से जुड़ी कहानी पर बनी फिल्म अमावस से है। पिछले साल फरवरी में रिलीज़ हुई फिल्म अमावस का ये गीत भी प्रेम की चाशनी में डूबा हुआ गीत है जिसे संगीतबद्ध किया है असद खान ने, लिखा जुनैद वसी और अपनी आवाज़ से सँवारा है अरमान मलिक ने।

असद खान व  अरमान मलिक 
हिंदी फिल्म संगीत में जब जब सितार वादकों ने संगीत निर्देशन की कमान थामी है कुछ अच्छा ही सामने आया है। पंडित रविशंकर से लेकर निशात खान और फिर पिछले साल लैला मजनूँ का अद्भुत संगीत रचने वाले नीलाद्रि कुमार इसके जीते जागते उदाहरण हैं और इसी फेरहिस्त में नाम जुड़ गया है मेवात घराने से ताल्लुक रखने वाले असद खान का। असद खान को हिंदी फिल्मों से जोड़ने का श्रेय ए आर रहमान को जाता है। रहमान ने  स्लमडॉग मिलयनियर के साउंडट्रैक मौसम और एस्केप के लिए अपने संगीत के साथ असद खान से जिस तरह सितार का फ्यूजन कराया वो लोगों को बेहद पसंद आया। शास्त्रीय संगीत वादन के साथ साथ असद फिल्मों के इतर सिंगल्स में संगीत देते रहे हैं।


असद भले ही ख़ुद सितार वादक हों पर उन्होंने इस गीत का आगाज़ गिटार की मधुर धुन से किया है। जुनैद वसी की कलम प्रेम में डूबे दिल की तड़प को सहज शब्दों में बखूबी उभारती है। कानपुर से ताल्लुक रखने वाले इस गीतकार ने हिंदी फिल्मों में चुनिंदा गीत ही लिखे हैं पर इससे पहले उनका सबसे चर्चित गीत जौली एल एल बी 2 का बावरा मॅन राह ताके तरसे रे...नैना भी मल्हार बनके बरसे रे रहा है। 

इस गीत में अपने प्रिय से अतरंग होने के लम्हे तलाशते नायक की भावनाओं को वो कुछ ऐसी पंक्तियों से नवाज़ते हैं जिस्म से तेरे मिलने दे मुझे, बेचैन ज़िन्दगी इस प्यार में थी... उँगलियों से तुझपे लिखने दे ज़रा, शायरी मेरी इंतज़ार में थी... इसी गीत में आगे वो कहते है मुझको जगाये रख..खुद में लगाये रख..कि रातभर मैं अब ना सो सकूँ। असद का बनाई धुन इस रोमांटिक गीत की जान है और अरमान मलिक ने जुनैद के बोलों को बेहद दिल से गाया है। गीत सुनते ही इसके बोलों को उनके साथ गुनगुनाने की इच्छा होती है।

होने लगा इस तरह
मेरी गलती है
दिल को रोका तो ये
ज़ुबाँ चलती है
इश्क़  को मैंने बड़ा समझाया
इश्क़ के आगे कहाँ चलती है
तेरा ना करता ज़िक्र
तेरी ना होती फ़िक्र
तेरे लिये दिल रोता ना कभी
यूँ ना बहाता अश्क
मैं भी मनाता जश्न
खुद के लिये भी जीता ज़िंदगी

बाख़ुदा दिल गया
बाख़ुदा दिल गया...
तेरा ना करता ज़िक्र..

जिस्म से तेरे मिलने दे मुझे
बेचैन ज़िन्दगी इस प्यार में थी
उँगलियों से तुझपे लिखने दे ज़रा
शायरी मेरी इंतज़ार में थी
मुझपे लुटा दे इश्क़
मुझको सिखा दे इश्क़
किस्मत मेरे दर आ गया जो तू
मुझको जगाये रख
खुद में लगाये रख
कि रातभर मैं अब ना सो सकूँ
तेरा ना करता ज़िक्र


तो आइए सुनते हैं अमावस का ये रूमानी नग्मा





वार्षिक संगीतमाला 2019 
01. तेरी मिट्टी Teri Mitti
02. कलंक नहीं, इश्क़ है काजल पिया 
03. रुआँ रुआँ, रौशन हुआ Ruan Ruan
04. तेरा साथ हो   Tera Saath Ho
05. मर्द  मराठा Mard Maratha
06. मैं रहूँ या ना रहूँ भारत ये रहना चाहिए  Bharat 
07. आज जागे रहना, ये रात सोने को है  Aaj Jage Rahna
08. तेरा ना करता ज़िक्र.. तेरी ना होती फ़िक्र  Zikra
09. दिल रोई जाए, रोई जाए, रोई जाए  Dil Royi Jaye
10. कहते थे लोग जो, क़ाबिल नहीं है तू..देंगे वही सलामियाँ  Shaabaashiyaan
11 . छोटी छोटी गल दा बुरा न मनाया कर Choti Choti Gal
12. ओ राजा जी, नैना चुगलखोर राजा जी  Rajaji
13. मंज़र है ये नया Manzar Hai Ye Naya 
14. ओ रे चंदा बेईमान . बेईमान..बेईमान O Re Chanda
15.  मिर्ज़ा वे. सुन जा रे...वो जो कहना है कब से मुझे Mirza Ve
16. ऐरा गैरा नत्थू खैरा  Aira Gaira
17. ये आईना है या तू है Ye aaina
18. घर मोरे परदेसिया  Ghar More Pardesiya
19. बेईमानी  से.. 
20. तू इतना ज़रूरी कैसे हुआ? Kaise Hua
21. तेरा बन जाऊँगा Tera Ban Jaunga
22. ये जो हो रहा है Ye Jo Ho Raha Hai
23. चलूँ मैं वहाँ, जहाँ तू चला Jahaan Tu chala 
24.रूह का रिश्ता ये जुड़ गया... Rooh Ka Rishta 
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8 comments:

विकास नैनवाल 'अंजान' on February 04, 2020 said...

रोचक। न गीत का मुझे पता था और न इस फ़िल्म का। गीत अच्छा है और शायद कहीं भी फिट हो सकता है।

Manish Kumar on February 04, 2020 said...

गीत व आलेख पसंद करने का शुक्रिया विकास !

Sumit on February 05, 2020 said...

अच्छा गाना है.अनजाना सा मधुर गीत. लोकप्रिय ना होने की वजह शायद पारम्परिक मुखड़े का अभाव हो. फिर भी शायद 5वा स्थान ज्यादा ऊपर है इसके लिए.

Manish Kumar on February 05, 2020 said...

अपनी राय रखने के लिए शुक्रिया सुमित !

Jeeshan on February 06, 2020 said...

Hello

Manish Kumar on February 06, 2020 said...

जीशान क्या कहना चाहते हैं आप?

Asad Khan on February 08, 2020 said...

Thank you for the kind words ..🙏 and bigger thanks for loving our song & bringing it up till top charts 🙏
Really is a great support & encouragement

Manish Kumar on February 08, 2020 said...

Asad Khan With your classical background and capacity to innovate I hope many more such melodies will come out in future too :). All the best !

 

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